- Hindi News
- छत्तीसगढ़
- Korba में बागेश्वर सरकार का बड़ा बयान, धर्मांतरण पर दी सीधी चेतावनी, मचा बवाल
Korba में बागेश्वर सरकार का बड़ा बयान, धर्मांतरण पर दी सीधी चेतावनी, मचा बवाल
कटघोरा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आयोजित हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। अपने संबोधन में उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
कटघोरा के ढपढप क्षेत्र में आयोजित इस पांच दिवसीय कथा के पहले दिन ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का सैलाब ऐसा था कि प्रशासन को व्यवस्था संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आयोजन स्थल पूरी तरह भक्ति और उत्साह के माहौल में डूबा नजर आया। मंच से संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की गतिविधियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है। उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग अपनी परंपराओं से दूर हो गए हैं, उन्हें वापस मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। उनके अनुसार यह केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है, जिस पर समाज को एकजुट होना चाहिए। अपने संबोधन में शास्त्री ने कोरबा की ऊर्जा शक्ति और देश की अर्थव्यवस्था में उसके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरबा का कोयला पूरे देश को रोशन करता है और इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भावनात्मक अंदाज में उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का ‘भांचा’ बताते हुए कहा कि यह माता कौशल्या की पावन धरती है और उनका इस प्रदेश से विशेष लगाव है। उन्होंने स्थानीय लोगों के प्रेम और समर्थन को अभूतपूर्व बताया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां लोग बड़ी संख्या में कथा सुनने और दिव्य दरबार में शामिल होने पहुंचे। आयोजन स्थल पर भक्ति, आस्था और सामाजिक संदेश का अनूठा संगम नजर आया।
यह हनुमंत कथा 1 अप्रैल तक जारी रहेगी, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम को देखते हुए यह साफ है कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक और वैचारिक मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में व्यापक चर्चा का विषय बन सकते हैं।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
