उत्तरप्रदेश के श्रमिकों के लिए खुशखबरी! अब आधार कार्ड से मिलेगा पेंशन, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का लाभ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीयन प्रक्रिया को और आसान बनाते हुए नई व्यवस्था लागू की है। अब मजदूर केवल आधार कार्ड और 90 दिन के कार्य प्रमाण के आधार पर आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। श्रम विभाग का मानना है कि अब तक जानकारी और जटिल प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में पात्र श्रमिक योजनाओं से वंचित रह जाते थे।
नई व्यवस्था के तहत पंजीकृत श्रमिकों को पेंशन, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और कन्या विवाह सहायता जैसी कई लाभकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने फर्जीवाड़े और दलालों पर रोक लगाने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, ताकि यदि कोई योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगे तो श्रमिक तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें। विभाग ने साफ किया है कि सभी सेवाएं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रम विभाग के अनुसार राज्य में अब तक करोड़ों निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जा चुका है, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में मजदूर सरकारी रिकॉर्ड से बाहर हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए लेबर मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम के जरिए ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इसके अलावा निर्माण स्थलों और औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर भी मौके पर पंजीयन कराया जा रहा है, ताकि मजदूरों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के वे श्रमिक पात्र होंगे, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य किया हो। पंजीकृत श्रमिकों को अटल आवासीय विद्यालय योजना, जन आरोग्य योजना, महात्मा गांधी पेंशन योजना, मातृत्व सहायता योजना और संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इन योजनाओं का मकसद श्रमिक परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि श्रमिक कल्याण योजनाओं के जरिए हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आया है। खासतौर पर अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। श्रम विभाग आने वाले समय में डिजिटल प्रक्रिया को और मजबूत करने की तैयारी में है, ताकि श्रमिकों को बिना किसी परेशानी के योजनाओं का लाभ सीधे मिल सके।
