प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल: रसूखदारों को बचाने भेजी गई आधी-अधूरी सूची, उच्च शिक्षा मंत्री के OSD समेत कई बड़े नाम गायब

प्रतिनियुक्ति का बड़ा खेल: रसूखदारों को बचाने भेजी गई आधी-अधूरी सूची, उच्च शिक्षा मंत्री के OSD समेत कई बड़े नाम गायब

बिलासपुर. उच्च शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) को लेकर बड़ा खेल चल रहा है। सरकार ने विधानसभा में सीना ठोककर वादा किया था कि प्रदेश में प्रतिनियुक्ति का सिस्टम खत्म किया जाएगा। लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। सिस्टम खत्म करना तो दूर, अब रसूखदारों को बचाने के लिए उनकी जानकारी ही छिपाई जा रही है।

बिलासपुर के क्षेत्रीय अपर संचालक कार्यालय ने प्रतिनियुक्ति पर गए प्राध्यापकों की जो सूची उच्च शिक्षा विभाग को भेजी है, वह पूरी तरह से आधी-अधूरी है। इसमें से कई ऐसे रसूखदार अधिकारियों और प्राध्यापकों के नाम गायब कर दिए गए हैं, जो लंबे समय से मलाईदार पदों पर जमे हुए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में खुद उच्च शिक्षा मंत्री के ओएसडी (OSD) का नाम तक शामिल नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर काम कर रहे प्राध्यापकों और अधिकारियों की जानकारी मांगी थी। सभी क्षेत्रीय अपर संचालकों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिनियुक्ति पर गए प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारियों की पूरी और सटीक रिपोर्ट भेजें।

Read More रायपुर में ड्रग्स क्वीन के रसूखदार कनेक्शन पर बड़ा खुलासा: ईडी की एंट्री से उड़ी रईसजादों और शराब कारोबारियों की नींद, विधायक का बेटा भी रडार पर

बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने जो सूची भेजी, उसमें केवल कुछ ही नाम शामिल किए गए। जारी सूची के अनुसार:

Read More पीएमओ की जांच दबाने वाले आबकारी के करोड़पति बाबू का जिन्न फिर बाहर; कमिश्नर से शिकायत, लेकिन जांचकर्ता पर ही उठे सवाल

 

  •  डॉ. तारणीश गौतम (सहायक प्राध्यापक हिंदी) - अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में कुलसचिव के पद पर
  •  डॉ. मनीष साव (सहायक प्राध्यापक राजनीति) - पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी में परीक्षा नियंत्रक के पद पर।

इन गिने-चुने नामों को भेजकर विभाग ने अपनी खानापूर्ति कर ली।

इन रसूखदारों के नाम किए गए गायब

बिलासपुर कार्यालय की असली चालाकी तब सामने आई, जब उन लोगों के नाम खोजे गए जो वास्तव में बड़े पदों पर बैठे हैं। जानबूझकर जिन बड़े नामों को सूची से बाहर रखा गया, वे इस प्रकार हैं:

 

  • डॉ. संजय तिवारी: उच्च शिक्षा मंत्री के ओएसडी (OSD)।
  •  डॉ. चंद्रभूषण मिश्रा: कुलसचिव, पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी।
  •  डॉ. तरुणधर दीवान: कुलसचिव, शहीद नंदकुमार पटेल यूनिवर्सिटी।
  • डॉ. मनोज सिन्हा: एनएसएस समन्वयक, अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी।
पकड़े गए तो अब दे रहे सफाई

जब इस आधी-अधूरी जानकारी और चहेतों को बचाने की इस सेटिंग पर सवाल उठे, तो जिम्मेदार अधिकारी लीपापोती करने में जुट गए। इस मामले में क्षेत्रीय अपर संचालक डॉ. डीपी साहू का रटा-रटाया जवाब सामने आया है। उनका कहना है कि कुछ नाम गलती से छूट गए हैं और अब छूटे हुए नामों को जोड़कर नई और संशोधित सूची विभाग को जल्द भेज दी जाएगी। सवाल यह उठता है कि क्या इतने बड़े और अहम नाम महज एक भूल के कारण छूट सकते हैं?

विधानसभा के वादे की उड़ रही धज्जियां

यह पूरा मामला सीधे तौर पर सरकार और शिक्षा विभाग के सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ने साफ कहा था कि कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसरों को वापस उनके मूल पद पर भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति का खेल बंद होगा।

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज भी कॉलेजों में प्रोफेसरों की कमी है और कई प्राध्यापक अपनी ऊंची पहुंच और 'सेटिंग' के दम पर विश्वविद्यालयों और मंत्रालयों में प्रशासनिक पदों पर बैठे हैं। वे वापस कॉलेजों में जाकर पढ़ाना नहीं चाहते। यही वजह है कि अब विभाग के बाबू जानबूझकर आधी-अधूरी रिपोर्ट भेज रहे हैं, ताकि विधानसभा में किए गए वादे को ठंडे बस्ते में डाला जा सके और इन अफसरों की कुर्सी बची रहे।

Tags:

Latest News

'₹370 की बिरयानी' विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: स्टैंड-अप कॉमेडी, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए नियम बनाने की मांग '₹370 की बिरयानी' विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: स्टैंड-अप कॉमेडी, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए नियम बनाने की मांग
पहली ही बारिश में बह गई करोड़ों की निर्माणाधीन नहर: 5 करोड़ की परियोजना पर उठे सवाल, ग्रामीण बोले- शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
सुशासन की सरकार में आबकारी का 'सिस्टम' हावी: एडिशनल कमिश्नर साहू और एलमा पर सरकार को बदनाम करने के आरोप, ट्रांसफर के बाद भी कुर्सियों पर जमे हैं अफसर
गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची तमिलनाडु सरकार, मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो जगह फटा बादल, अचानक आई बाढ़ से सड़कें बंद; कई गांवों का टूटा संपर्क
डिजिटल सुरक्षा पर केंद्र सरकार सख्त: व्हाट्सएप-टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म को चेतावनी, गड़बड़ी या फ्रॉड बढ़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले में बड़ा एक्शन: डाटा असिस्टेंट सुमित सिंह बर्खास्त, दो जूनियर असिस्टेंट सस्पेंड; जांच का दायरा बढ़ा
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का नया रोस्टर जारी: 3 जुलाई से बदलेंगी बेंचों की जिम्मेदारियां, PIL से लेकर आपराधिक और सिविल मामलों तक का हुआ नया बंटवारा
पुलिस वेतन शाखा में 3 करोड़ से अधिक का घोटाला: 9 महीने तक वेतन ट्रांसफर में हेराफेरी, ऑडिट में खुला फर्जीवाड़ा; तीन कर्मचारी गिरफ्तार
बाघ की खाल के साथ पकड़े गए दो तस्कर, पुलिस विभाग से जुड़े होने का खुलासा; पैंगोलिन शल्क भी बरामद, बड़े नेटवर्क की आशंका
रायपुर में हनीट्रैप का सनसनीखेज मामला: शराब पिलाकर खींचीं आपत्तिजनक तस्वीरें, फिर छह महीने तक ब्लैकमेल कर वसूले लाखों रुपये
CG Education: 70 बनाम 80 GSM विवाद में फंसीं किताबें, नया सत्र शुरू लेकिन लाखों छात्र अब भी पाठ्य पुस्तकों के इंतजार में