छत्तीसगढ़ बोर्ड में कॉपी जांच का बड़ा खेल उजागर: 79 शिक्षक ब्लैकलिस्ट, छात्रों को 50 नंबर तक गलत अंक देने का खुलासा
रायपुर: CBSE ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिका जांच में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद बड़ा एक्शन लिया है। मूल्यांकन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी पाए जाने पर 79 शिक्षकों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। जांच में खुलासा हुआ कि कई कॉपियों में 20 से लेकर 50 अंकों तक की गलतियां की गई थीं, जिससे छात्रों के रिजल्ट और भविष्य पर बड़ा असर पड़ सकता था। बोर्ड ने इन शिक्षकों को 3 से 6 साल तक सभी बोर्ड कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया है।
मामले की जांच में पता चला कि प्रदेश के 36 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपी जांच के दौरान गंभीर त्रुटियां हुईं। कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में 10वीं के 49 और 12वीं के 30 शिक्षक शामिल हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, राजनीति विज्ञान, लेखाशास्त्र और जीवविज्ञान जैसे विषयों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आईं। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कुछ मामलों में छात्रों को वास्तविक अंक से बेहद कम या ज्यादा अंक दिए गए थे, जो मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गलती की गंभीरता के आधार पर शिक्षकों को तीन श्रेणियों में बांटकर दंड तय किया है। 20 से 40 अंक तक की गलती करने वालों पर 3 साल का प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि 41 से 49 अंकों तक की गड़बड़ी करने वाले शिक्षकों को 5 साल तक बोर्ड कार्यों से बाहर रखा जाएगा। वहीं 50 या उससे अधिक अंकों की चूक करने वाले शिक्षकों पर सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए 6 साल का बैन लगाया गया है। इसके साथ ही संबंधित शिक्षकों की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की भी अनुशंसा की गई है।
बोर्ड ने इस कार्रवाई की जानकारी School Education Department Chhattisgarh, जिला शिक्षा अधिकारियों और कलेक्टरों को भेज दी है, ताकि आगे विभागीय कार्रवाई भी की जा सके। इस पूरे मामले ने बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा जगत में इस कार्रवाई को अब तक का सबसे बड़ा अनुशासनात्मक कदम माना जा रहा है।
