नौकरी की राह में उम्र नहीं बनेगी रोड़ा, हाईकोर्ट ने दिया पुनर्विचार का आदेश, अधूरी भर्ती में भी मिलेगा नई आयु सीमा का लाभ
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने का लाभ अब पहले से जारी भर्ती प्रक्रिया में भी मिल सकता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि जब भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, तो नई आयु सीमा के आधार पर अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार किया जाना उचित है। जस्टिस बी डी गुरु की सिंगल बेंच ने दो संविदा क्षेत्र समन्वयकों को राहत देते हुए संबंधित अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर उनकी उम्मीदवारी पर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
अधिक उम्र होने के कारण खारिज हुई थी उम्मीदवारी
मामला रामफल केवट और स्वप्निल जायसवाल से जुड़ा है। रामफल केवट जनपद पंचायत सारंगढ़ और स्वप्निल जायसवाल जनपद पंचायत बेमेतरा में संविदा क्षेत्र समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने ब्लॉक परियोजना प्रबंधक पद की भर्ती में आवेदन किया था। इस भर्ती के लिए 27 मार्च 2026 को विज्ञापन जारी किया गया था और आयु की गणना 1 जनवरी 2026 की स्थिति के आधार पर की गई थी। भर्ती के दौरान रामफल की उम्र 42 वर्ष और स्वप्निल की उम्र 38 वर्ष थी। संविदा कर्मचारियों के लिए पहले लागू अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष होने के आधार पर रामफल की उम्मीदवारी को अधिक उम्र का हवाला देते हुए अयोग्य कर दिया गया। इसके बाद दोनों अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सरकार के नए आदेश ने बदल दी स्थिति
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने 3 अगस्त 2024 के परिपत्र के तहत संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष निर्धारित की थी। हालांकि, याचिका लंबित रहने के दौरान राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2026 को नया परिपत्र जारी कर अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी। अभ्यर्थियों का तर्क था कि 27 मार्च 2026 को शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में नई आयु सीमा का लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए और केवल पुरानी व्यवस्था के आधार पर उनकी उम्मीदवारी खारिज नहीं की जानी चाहिए।
सरकार और जिला पंचायत ने किया विरोध
राज्य सरकार और जिला पंचायत की ओर से याचिका का विरोध करते हुए कहा गया कि नई आयु सीमा का लाभ 16 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। चूंकि संबंधित भर्ती प्रक्रिया इससे पहले शुरू हो चुकी थी, इसलिए नए परिपत्र को इस भर्ती पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने भर्ती की मौजूदा स्थिति और सरकार के नए परिपत्र को महत्वपूर्ण माना।
अधूरी भर्ती में नई आयु सीमा पर हो विचार: हाईकोर्ट
जस्टिस बी डी गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि दोनों अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी पुरानी आयु सीमा के आधार पर खारिज की गई थी, लेकिन बाद में सरकार ने संविदा कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष कर दी। कोर्ट ने इस तथ्य पर भी गौर किया कि संबंधित भर्ती प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और शुरुआती चरण में है। ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ताओं को संशोधित आयु सीमा का लाभ देना उचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नई व्यवस्था के अनुसार दोनों की उम्मीदवारी पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया।
30 दिन में लेना होगा फैसला
हाईकोर्ट ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जिला पंचायत को निर्देश दिया है कि 16 सितंबर 2026 के परिपत्र और लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप याचिकाकर्ताओं की उम्मीदवारी पर 30 दिनों के भीतर पुनर्विचार कर निर्णय लें। हालांकि, दोनों अभ्यर्थियों को भर्ती की अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होंगी।
