कोयला कटिंग और मिक्सिंग के अवैध कारोबार में इतना पैसा है कि रोडपति से करोड़पति बनने में समय नही लगता है और ये कमाल हो भी चुका है,असल कोयला चोर जेल जाने से बचने के लिए….

कोयला कटिंग और मिक्सिंग के अवैध कारोबार में इतना पैसा है कि रोडपति से करोड़पति बनने में समय नही लगता है और ये कमाल हो भी चुका है,असल कोयला चोर जेल जाने से बचने के लिए….

कोयला कटिंग और मिक्सिंग के अवैध कारोबार में इतना पैसा है कि रोडपति से करोड़पति बनने में समय नही लगता है और ये कमाल हो भी चुका है,असल कोयला चोर जेल जाने से बचने के लिए…. छत्तीसगढ़ में कई जिलों के कोल माफ़िया एक वक़्त में बाहर से आए मुसाफिर थे। जो राज्य और बिलासपुर […]

कोयला कटिंग और मिक्सिंग के अवैध कारोबार में इतना पैसा है कि रोडपति से करोड़पति बनने में समय नही लगता है और ये कमाल हो भी चुका है,असल कोयला चोर जेल जाने से बचने के लिए….

छत्तीसगढ़ में कई जिलों के कोल माफ़िया एक वक़्त में बाहर से आए मुसाफिर थे। जो राज्य और बिलासपुर शहर में पैर रखकर कोयला चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे और यही आदतन चोर धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ के बड़े व्यापारी बनकर बैठ गए है। लेकिन इनके काले कारनामों को जानने वाले इनके नाम के आगे कोल माफ़िया जरूर जोड़ते है। कोल माफ़िया इतने शातिर होते है कि डीपो में कोयला चोरी के अपराध को अंजाम देकर भी जेल की रोटी तोड़ने से कोसो दूर रहते है। क्योंकि एक तो इनकी सेंटिंग तगड़ी रहती है तो दुसरी तरफ राज्य के छठे बदमाशों सहित अन्य राज्यों के नामचीन बदमाशों को राज्य में लाकर गुर्गे बनाकर रखते है ताकि कभी अगर डीपो में कार्यवाही हो भी तो भाड़े के टट्टुओं पर कार्रवाई कर मामले में सेटिंग करके असली चोर जेल जाने से बच सके।

                         बताते चले कि बिलासपुर जिला में जमकर कोयला कटिंग (चोरी) का अपराध अवैध रूप से फलफूल रहा है साथ ही साथ कोयला चोर माफ़िया कोयला में वजन बढ़ाने के लिए काला पत्थर एवं जीरा गिट्टी मिला रहे है. छत्तीसगढ़ के उधोगपतियों को कोल माफ़िया भरपूर चुना लगा रहे है उधोगों में कार्यरत कर्मचारी भी इस अपराध में शामिल है जो कर्मचारी जानकर भी मिक्सिंग कोयला को प्लांट के बॉयलर भट्ठी में उपयोग कर रहे है बताया जाता है माफ़िया मिक्सिंग कोयला को खपाने के लिए प्लांट के कर्मचारियों को रिश्वत देते है इसी कारण प्लांट प्रबंधन भी चुपचाप कोल माफियाओं के चोरी के कोयला को प्लांट में उपयोग कर रहे है. प्रतिदिन बिलासपुर जिला में ही माफ़िया 10 करोड़ रुपये कीमत के लगभग की कोयला चोरी के अपराध को अंजाम दे रहे है. इसके बाद भी प्रशासन कार्यवाही करने में लाचार है यह बताना उचित होगा की असल मे इन माफियाओं की सेटिंग कई विभाग के बड़े अधिकारियों से है इसी के चलते दीगर राज्यों से आए चोर छत्तीसगढ़ में आकर कोल माफ़िया बन चुके है।

अगले अंक में आपको हम दिखाने वाले है कि कैसे कोयला माफ़िया डीपो का इस्तेमाल केवल और केवल कोयला कटिंग और मिक्सिंग के लिए कर रहे है। क्रमशः…

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