ED को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: सिद्धारमैया की पत्नी को समन भेजने पर जताई नाराज़गी, कहा – चुनावी लड़ाई तक ठीक, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग क्यों?

ED को सुप्रीम कोर्ट की फटकार: सिद्धारमैया की पत्नी को समन भेजने पर जताई नाराज़गी, कहा – चुनावी लड़ाई तक ठीक, जांच एजेंसियों का दुरुपयोग क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने सिद्धारमैया की पत्नी को ईडी समन भेजने पर नाराज़गी जताई। कोर्ट ने कहा- राजनीतिक लड़ाई चुनाव तक ठीक, एजेंसियों का दुरुपयोग क्यों? ईडी से मांगा जवाब।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को करारा झटका देते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी को समन भेजने के मामले में गंभीर नाराज़गी जाहिर की है। अदालत ने ईडी से पूछा कि क्या यह समन राजनीतिक लड़ाई का हिस्सा है और क्या जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अब राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है?

मुख्य न्यायाधीश की अगुआई वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "राजनीतिक लड़ाई चुनाव तक ठीक है, लेकिन इसके लिए ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है? अगर कोई आरोप है, तो उसके लिए उचित प्रक्रिया अपनाएं।" कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर इस मामले में सिद्धारमैया की पत्नी को किस आधार पर समन भेजा गया है? क्या उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत है या यह सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने की एक कोशिश है?

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी को हाल ही में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़े मामले में समन भेजा था। यह मामला एक पुराने लैंड डील से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच हो रही है। हालांकि, यह मामला अचानक चुनावी मौसम में जोर पकड़ने लगा, जिससे कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है।

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इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि "जब भाजपा को चुनाव में हार का डर सताता है, तो वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग शुरू कर देती है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।" सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को स्पष्ट संकेत दिए कि संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक लड़ाई में घसीटना गंभीर मामला है और अगर ऐसा होता रहा तो कोर्ट को सख्त रुख अपनाना पड़ेगा। कोर्ट ने ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है कि आखिर सिद्धारमैया की पत्नी को समन भेजने के पीछे क्या तथ्यात्मक और कानूनी आधार हैं ?

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इस मामले ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या भारत में जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है? सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से ईडी पर भरोसे को लेकर आम जनता और विपक्ष को बल मिला है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अदालत की दिशा और ईडी की सफाई दोनों पर नजरें टिकी रहेंगी।

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मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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