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दुर्ग अफीम कांड: कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड, सफाई में बोलीं- 'खेत में घुसना मना था, फोटो देखकर बना दी रिपोर्ट'
दुर्ग. जिले के समोदा गांव में बीजेपी नेता के खेत में अफीम की खेती के मामले में आखिरकार प्रशासन की नींद टूट ही गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को सस्पेंड कर दिया है। मैडम की लापरवाही तो साफ थी, लेकिन नोटिस के जवाब में उन्होंने जो बहाने बनाए हैं, वो प्रशासन के सिस्टम पर एक करारा तमाचा है।
कार्रवाई से पहले 9 मार्च को अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था। एकता साहू ने जो सफाई दी, वो किसी चुटकुले से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि प्लॉट का चयन किसान के कागजातों के आधार पर हुआ, क्योंकि नक्शा तो मिला ही नहीं। किसान बीमार था, इसलिए ऐप पर किसी और की फोटो डाल दी। और सबसे बड़ी बात- मैडम को खेत के अंदर जाने ही नहीं दिया गया! यानी बिना खेत देखे, सिर्फ फोटो और कागजों के सहारे सरकारी काम निपट गया। अब ऐसी 'वर्क फ्रॉम होम' वाली जांच पर सस्पेंशन तो बनता ही था।
बिना होमवर्क एमपी गई पुलिस, खाली हाथ लौटी
इधर, इस मामले में दुर्ग पुलिस की जांच भी दिलचस्प चल रही है। आरोपी विकास विश्नोई के ससुर छोटू राम ने बताया था कि अफीम के बीज उसने एमपी के नीमच से लाकर दिए थे। बीज बेचने वाले को पकड़ने पुलिस पूरे जोश में नीमच पहुंच गई। वहां जाकर पुलिस को 'ज्ञान' मिला कि नीमच में तो सरकार अफीम उगाने का लाइसेंस देती है, वहां यह पूरी तरह वैध है। बिना होमवर्क किए गई पुलिस सिर्फ बयान और पंचनामा बनाकर बैरंग लौट आई। अब जांच में पता चला है कि अफीम को खपाने के लिए बीजेपी नेता विनायक ताम्रकार और विकास राजस्थान के ट्रक ड्राइवरों के संपर्क में थे।
बलरामपुर में भी पकड़ी गई 18 क्विंटल अफीम
अफीम का नशा सिर्फ दुर्ग तक सीमित नहीं है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के तुरीपानी गांव में भी पुलिस ने अफीम की बड़ी खेती पकड़ी है। झारखंड बॉर्डर के पास के जंगल का फायदा उठाकर 1.47 एकड़ में खेती चल रही थी। पुलिस ने फसल नष्ट कर 18 क्विंटल 83 किलो अफीम जब्त की है। मामले में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दुर्ग के समोदा गांव में बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष विनायक ताम्रकार की 10 एकड़ जमीन है। इस जमीन पर पपीते और तरबूज की खेती के बीच छिपाकर अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस और राजस्व विभाग ने छापा मारकर करोड़ों रुपये की अफीम के पौधे जब्त किए। खेत की देखरेख करने वाले विकास विश्नोई को गिरफ्तार किया गया।
अब तक क्या हुआ ....
पूछताछ में विकास के ससुर छोटू राम का नाम आया, जिसने नीमच से बीज लाकर दिए थे। जांच में यह साफ हुआ है कि कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने फील्ड पर जाए बिना ही फर्जी रिपोर्ट बनाई और सब्सिडी का खेल खेला। इसी मामले में अब पहली गाज कृषि अधिकारी एकता साहू पर गिरी है और उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस अब अफीम की तस्करी करने वाले ट्रक ड्राइवरों के नेटवर्क को खंगाल रही है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
