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सिंगरौली के अडानी पावर प्लांट में फिर हादसा: ऊंचाई से गिरकर मजदूर की मौत, गुस्साए श्रमिकों ने की तोड़फोड़
सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में स्थित अडानी पावर प्लांट में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। प्लांट में काम के दौरान ऊंचाई से गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। हादसे के बाद मजदूरों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने प्लांट परिसर में जमकर तोड़फोड़ कर दी। बताया जा रहा है कि आक्रोशित श्रमिकों ने कंपनी के बाहर खड़ी एक गाड़ी को भी पलट दिया। घटना के बाद से इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। मजदूरों का आरोप है कि हादसे के बाद भी लंबे समय तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे नाराजगी और बढ़ गई।
मैकेनिकल कार्य के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह घटना शुक्रवार देर शाम की बताई जा रही है। प्लांट में मैकेनिकल कार्य के दौरान एक मजदूर ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ मजदूरों ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने कुछ समय तक मजदूर के शव को छिपाकर रखने की कोशिश की। इस खबर के फैलते ही प्लांट में काम कर रहे अन्य मजदूरों का आक्रोश भड़क उठा।
मजदूरों का फूटा गुस्सा, प्लांट में तोड़फोड़
साथी मजदूर की मौत और कथित लापरवाही से नाराज श्रमिकों ने प्लांट परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ मजदूरों ने परिसर में तोड़फोड़ कर दी और बाहर खड़ी एक गाड़ी को पलट दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन आक्रोशित मजदूरों की भीड़ के सामने पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
मजदूरों का कहना है कि प्लांट में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सावधानियां नहीं बरती जातीं, जिससे श्रमिकों की जान जोखिम में रहती है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया और कई अधिकारी व कर्मचारी मौके से हट गए है।
अडानी पावर प्लांट में पहले भी हो चुके हैं विवाद और हादसे
1 फरवरी 2025: ट्रक हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने प्लांट से जुड़े 6 बसों और 2–3 ट्रकों में आग लगा दी थी। सड़क जाम और पुलिस से झड़प की स्थिति बनी थी। माना गया कि प्लांट के विस्तार (1200 मेगावाट से 4400 मेगावाट) के कारण भारी ट्रैफिक और ओवरलोडिंग से हादसा हुआ।
2 अक्टूबर 2024: ऐश डैम से जुड़े मुआवजा विवाद को लेकर गार्ड्स और ग्रामीणों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हुए थे।
3 सितंबर 2022: स्थानीय लोगों ने भूमि मुआवजा और पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर प्लांट के खिलाफ चक्का जाम किया था।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
