राजस्थान में MBBS घोटाला: विदेश डिग्री वाले चिकित्सकों के फर्जी FMGE प्रमाणपत्र उजागर

राजस्थान में MBBS घोटाला: विदेश डिग्री वाले चिकित्सकों के फर्जी FMGE प्रमाणपत्र उजागर

जयपुर: राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था में दो तरह के गंभीर फर्जीवाड़े सामने आए हैं। सबसे बड़ा मामला विदेश से MBBS डिग्री हासिल करने वाले चिकित्सकों का है। इन चिकित्सकों ने विभिन्न देशों से MBBS की डिग्री ली, लेकिन भारत की अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (FMGE) में फेल हो गए। FMGE पास किए बिना राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में पंजीकरण नहीं हो सकता था और न ही चिकित्सा कार्य किया जा सकता था।

फर्जी FMGE प्रमाण पत्र का खेल
ऐसे में इन चिकित्सकों ने 16 से 18 लाख रुपये में फर्जी FMGE प्रमाण पत्र हासिल कर लिए। इन फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग से इंटर्नशिप की अनुमति ली गई और राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में इंटर्नशिप भी पूरी की गई।

मंत्री ने जांच के आदेश दिए
मामला सामने आने के बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू कर दी है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने भी मामले की तीव्र जांच के आदेश दिए हैं। अब एसओजी और चिकित्सा विभाग 8,000 से अधिक चिकित्सकों की जांच कर रहे हैं, जिन्होंने विदेश से MBBS की डिग्री हासिल की है।

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जांच में क्या सामने आया
अब तक की जांच में तीन चिकित्सक सामने आए हैं, जिन्होंने फर्जी FMGE प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में इंटर्नशिप की।एसओजी ने बताया कि इन चिकित्सकों ने डिग्री चीन, बांग्लादेश, किर्गिस्तान, जार्जिया, नेपाल, जर्मनी और कजाकिस्तान से हासिल की थी। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने कहा कि यह जांच केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। गुजरात और मध्य प्रदेश से भी संपर्क और फर्जी दस्तावेज सामने आए हैं।

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RMC में फर्जी पंजीकरण का मामला
दूसरा बड़ा फर्जीवाड़ा RMC में लगभग 100 फर्जी चिकित्सकों का पंजीकरण है। इन चिकित्सकों ने तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की मेडिकल काउंसिल से फर्जी प्रमाणपत्र हासिल कर RMC में पंजीकरण करवा लिया।पंजीकरण के समय RMC अधिकारियों ने डिग्री, 12वीं की अंकतालिका और अन्य प्रमाण पत्रों की जांच नहीं की, जिससे यह घोटाला संभव हो पाया।

अधिकारियों का बयान
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सभी इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सक फर्जी नहीं हैं, लेकिन जांच पूरी की जाएगी।

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