- Hindi News
- राज्य
- बजट सत्र के 9वें दिन भी नहीं चला लोकसभा का कामकाज, विपक्ष के हंगामे से ठप रही कार्यवाही, स्पीकर ओम ब...
बजट सत्र के 9वें दिन भी नहीं चला लोकसभा का कामकाज, विपक्ष के हंगामे से ठप रही कार्यवाही, स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सुगबुगाहट
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र में सियासी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज सत्र के नौवें दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के जोरदार विरोध और नारेबाजी के कारण सदन कुछ ही मिनटों में बाधित हो गया। हालात इतने बिगड़े कि लोकसभा अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन में बढ़ते शोर-शराबे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष को संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा कि संसद चर्चा और संवाद का मंच है, न कि व्यवधान और नारेबाजी का। उन्होंने यह भी दोहराया कि नियमों के तहत सभी सदस्यों को बोलने का अवसर मिलता है, लेकिन सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसी बीच राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति पर काम कर सकता है। सदन के भीतर विपक्षी सांसद “राहुल गांधी को बोलने दो” के नारे लगाते रहे, जिससे सरकार और विपक्ष के बीच तनाव और गहरा गया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने संसद परिसर में अलग बैठक कर आगे की रणनीति पर मंथन किया। इस बैठक में सदन में जारी गतिरोध, विपक्ष की भूमिका और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ संभावित अविश्वास प्रस्ताव जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। कांग्रेस की ओर से यह संकेत भी दिए गए कि यदि विपक्षी नेताओं को सदन में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया, तो संसद का सुचारू संचालन मुश्किल होगा।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद पहुंचे। मीडिया से बातचीत में खरगे ने सदन न चलने को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कहना गलत है कि संसद नहीं चलेगी, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन सभी पक्षों को करना होगा।
बजट सत्र के बीच लगातार हो रहा यह गतिरोध न सिर्फ संसदीय कार्यवाही को प्रभावित कर रहा है, बल्कि राजनीतिक टकराव को भी नई धार दे रहा है। अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बन पाएगी या संसद का अगला सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ेगा।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
