महासमुंद नकल कांड: 12वीं की छात्रा के 'स्टिंग' से मचा हड़कंप, DEO ने DPI को सौंपी प्रारंभिक रिपोर्ट; कल हाईकोर्ट में अहम सुनवाई, कार्रवाई पर सस्पेंस
रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान हुए खुलेआम नकल कांड में प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी-अंग्रेजी माध्यम स्कूल परीक्षा केंद्र में हुई इस घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को सौंप दी है। अब पूरे प्रदेश की निगाहें कल यानी 4 मई को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई पर टिकी हैं। फिलहाल, रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग के स्तर पर दोषियों पर क्या गाज गिरेगी, इसे लेकर संशय बरकरार है।
छात्रा ने 'स्टिंग' कर खोली सिस्टम की पोल
इस पूरे मामले का पर्दाफाश किसी विभागीय उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) या शिक्षा अधिकारी ने नहीं किया है, बल्कि उसी सेंटर पर 12वीं की परीक्षा दे रही एक निडर छात्रा ने किया है। प्रदेश में बेहतर रिजल्ट का दिखावा करने के लिए कई जिलों से नकल की दबी-छिपी शिकायतें आ रही थीं, लेकिन भंवरपुर सेंटर पर तो खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। परेशान छात्रा ने न सिर्फ इसकी लिखित शिकायत की, बल्कि 'स्टिंग' के जरिए इस पूरे फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश हुई और जांच के नाम पर खानापूर्ति की गई। जब जिला स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो छात्रा ने सीधे माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) रायपुर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, कल पेश होगा शासन का जवाब
छात्रा की पुख्ता शिकायत को माशिमं की अध्यक्ष ने बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल महासमुंद कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की। मामला तब और हाई-प्रोफाइल हो गया जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) ले लिया। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर इस अव्यवस्था पर जवाब तलब किया है। इस मामले में कल, 4 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें राज्य शासन की ओर से जवाब प्रस्तुत किया जाना है।
जांच रिपोर्ट में नकल को माना गया 'गंभीर', मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, माशिमं मुख्यालय तक शिकायत पहुंचने और हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ही जिला शिक्षा कार्यालय हरकत में आया। आनन-फानन में जांच पूरी कर रिपोर्ट सीधे संचालनालय (DPI) को भेजी गई है। बताया जा रहा है कि इस प्रारंभिक रिपोर्ट में परीक्षा केंद्र में नकल और भारी अव्यवस्था को गंभीर माना गया है।
इस पूरे विवाद पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है और परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
