बड़ी नियुक्ति: बस्तर के नक्सल विरोधी अभियानों के चेहरा IPS सुंदरराज पी बने NIA के नए IG

बड़ी नियुक्ति: बस्तर के नक्सल विरोधी अभियानों के चेहरा IPS सुंदरराज पी बने NIA के नए IG

 नई दिल्ली/रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद पर नियुक्त किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है।

जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी की यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के आधार पर की गई है। मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे केंद्र में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल सकें।

बस्तर में नक्सल उन्मूलन के रहे प्रमुख रणनीतिकार

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सुंदरराज पी लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील बस्तर रेंज के आईजी के रूप में कार्यरत रहे हैं। उन्हें राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों के सबसे प्रभावशाली और अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है।

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उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने बस्तर के दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार कड़े अभियान चलाकर माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया। उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा रणनीति में कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक बदलाव देखने को मिले।

सशस्त्र कार्रवाई के साथ खुफिया तंत्र को किया मजबूत

उन्होंने केवल सशस्त्र सैन्य कार्रवाई पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र को मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया। इसके साथ ही स्थानीय आदिवासी युवाओं को सुरक्षा व्यवस्था से सक्रिय रूप से जोड़ने का काम किया गया।

उनके दिशा-निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित करने और अंदरूनी विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया गया। बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे के विस्तार में भी उनकी भूमिका अग्रिम रही।

अबूझमाड़ में कैंप और रिकॉर्ड आत्मसमर्पण

उनकी बनाई रणनीति के चलते सुरक्षा बलों की पहुंच उन सुदूर इलाकों तक बढ़ी जहां पहले पहुंचना अत्यंत कठिन माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, उनके कार्यकाल में रिकॉर्ड संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा को चुना।

अबूझमाड़ जैसे सबसे दुर्गम और कोर नक्सली क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित कर सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति सुनिश्चित करने में उनका बड़ा योगदान रहा। इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिली।

देशव्यापी सुरक्षा जांच में निभाएंगे अहम भूमिका

केंद्र सरकार द्वारा उन्हें NIA जैसी देश की शीर्ष जांच एजेंसी में इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपना उनके लंबे अनुभव और उत्कृष्ट कार्यकुशलता का सीधा प्रमाण है।

नई भूमिका में वे देशभर में होने वाली आतंकवादी और आंतरिक सुरक्षा संबंधी गंभीर जांचों में मुख्य भूमिका निभाएंगे। इस हाई-प्रोफाइल नियुक्ति के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस और सुरक्षा महकमे में नए प्रशासनिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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