न्यूजक्लिक को बड़ी राहत दिल्ली हाई कोर्ट ने रद्द की एफआईआर ईडी जांच पर भी रोक...
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक और उसके संस्थापक संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इनके खिलाफ दर्ज आर्थिक अपराध शाखा यानी ईओडब्ल्यू की एफआईआर को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच भी खत्म कर दी गई है. विदेशी फंडिंग के मामले में यह कार्रवाई चल रही थी.
जांच एजेंसियों को लगी फटकार
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की. उन्होंने इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता पर हमला बताया. कोर्ट ने कहा कि यह शक्तियों का गलत इस्तेमाल है. जांच एजेंसियों ने बिना किसी ठोस सबूत के ही लंबी जांच की. कोर्ट का मानना था कि अगर एफआईआर के आरोपों को सही भी मान लिया जाए तो भी धोखाधड़ी का कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है. इसलिए इस एफआईआर को जारी रखना कानून का दुरुपयोग था.
धोखाधड़ी का कोई शिकार ही नहीं था
कोर्ट ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि धोखाधड़ी के मामले में कोई ऐसा व्यक्ति या पक्ष होना चाहिए जिसके साथ धोखा हुआ हो. लेकिन इस मामले में किसी ने कोई शिकायत ही नहीं की थी. इसके अलावा कोर्ट ने एक और अहम बात कही. अप्रैल 2018 में जब कंपनी में निवेश आया था तब डिजिटल न्यूज मीडिया में विदेशी निवेश की कोई सीमा तय नहीं थी.
डेढ़ साल की जांच में ईडी खाली हाथ
ईडी ने इस मामले में करीब डेढ़ साल तक जांच की. कई बार पूछताछ भी की गई. इसके बावजूद ईडी कोर्ट में कोई ऐसा सबूत पेश नहीं कर सकी जिससे अपराध साबित हो सके. कोर्ट ने कहा कि जब मुख्य एफआईआर ही रद्द हो गई है तो ईडी का केस अपने आप ही खत्म हो जाता है.
कहां से शुरू हुआ था पूरा विवाद
अगस्त 2020 में ईओडब्ल्यू ने न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ पर केस दर्ज किया था. आरोप था कि न्यूजक्लिक की मुख्य कंपनी को अमेरिका की कंपनी वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स से 9.59 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश मिला था. एजेंसियों का कहना था कि इसमें नियमों को तोड़ा गया है. यह भी आरोप था कि शेयरों की कीमत बढ़ाकर दिखाई गई और निवेश के पैसे का बड़ा हिस्सा सैलरी फीस और किराए जैसी चीजों पर खर्च किया गया. अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह पूरा केस खत्म हो गया है.
