अंबिकापुर में ईडी की कार्रवाई देर शाम तक जारी पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के प्रतिष्ठान पर दिनभर खंगाले गए दस्तावेज

अंबिकापुर में ईडी की कार्रवाई देर शाम तक जारी पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के प्रतिष्ठान पर दिनभर खंगाले गए दस्तावेज

अंबिकापुर में सरगुजा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के व्यावसायिक प्रतिष्ठान मानसून एग्रो एजेंसी पर प्रवर्तन निदेशालय की छापामार कार्रवाई मंगलवार देर शाम तक लगातार जारी रही। अलसुबह से शुरू हुई इस सघन जांच प्रक्रिया ने पूरे दिन शहर के राजनीतिक और व्यावसायिक हलकों में भारी बेचैनी बनाए रखी। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के भीतर मौजूद एक-एक दस्तावेज की बारीकी से पड़ताल की और शाम ढलने के बाद भी टीम के कई सदस्य वहां डटे हुए हैं। प्रतिष्ठान के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों का कड़ा पहरा शाम तक उसी मुस्तैदी के साथ कायम रहा जिससे अंदर चल रही जांच की गंभीरता का साफ अंदाजा लगाया जा सकता है।

दिनभर चली इस मैराथन कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने मुख्य रूप से वित्तीय लेन-देन से जुड़े पुराने और नए सभी रिकॉर्ड खंगाले। विभागीय सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जांच टीम ने कंप्यूटर की हार्ड ड्राइव लैपटॉप कच्चे-पक्के एकाउंट्स के रजिस्टर और कई अहम बैंक पासबुक सहित डिजिटल व कागजी सबूतों को अपनी जांच के दायरे में लिया है। इसके अलावा प्रतिष्ठान के कर्मचारियों और राकेश गुप्ता के परिजनों से भी दिनभर पूछताछ का दौर चलता रहा ताकि व्यापारिक आय और निवेश के विभिन्न स्रोतों का सटीक मिलान किया जा सके। बहुचर्चित डीएमएफ घोटाले से जुड़े संभावित तारों को लेकर अधिकारियों ने वित्तीय अनियमितताओं और आय-व्यय के संदिग्ध आंकड़ों पर विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा।

इस लंबी और थका देने वाली कार्रवाई ने पूरे प्रदेश के कांग्रेसी खेमे में एक बार फिर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। चूंकि यह पूरा मामला पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन फंड के दुरुपयोग और कथित घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है इसलिए इस छापे को जांच की दिशा में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। देर शाम तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक जब्ती या गिरफ्तारी की पुष्टि जांच एजेंसी की तरफ से नहीं की गई है लेकिन यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि टीम जब अपनी कार्रवाई खत्म करेगी तो अपने साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त करके ले जाएगी जिनका बाद में विभागीय मुख्यालय में विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।

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फिलहाल पूरे अंबिकापुर शहर की नजरें रिंग रोड गंगापुर स्थित मानसून एग्रो एजेंसी पर टिकी हुई हैं और हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि ईडी की टीम के बाहर निकलने पर क्या नए तथ्य सामने आते हैं। स्थानीय पुलिस भी बाहरी सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। जांच पूरी होने और अधिकारियों की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा कि इस मैराथन छापे में जांच एजेंसी के हाथ कौन से पुख्ता सबूत लगे हैं और इस बड़े घोटाले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

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