छत्तीसगढ़ आबकारी ओवर रेटिंग घोटाला: हाऊस और कमिश्नर के नाम पर दागी इंस्पेक्टरों को संरक्षण, निलंबन की फाइलें दबाए बैठे अफसर

शराब ओवर-रेटिंग मामले में छोटे कर्मचारियों पर गिरी गाज, लेकिन रसूखदार दागियों को बचाने का खेल जारी।

छत्तीसगढ़ आबकारी ओवर रेटिंग घोटाला: हाऊस और कमिश्नर के नाम पर दागी इंस्पेक्टरों को संरक्षण, निलंबन की फाइलें दबाए बैठे अफसर

 राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र 'बैगा आदिवासियों' को फर्जी मुकदमों की धमकी, कोरे कागज पर दस्तखत कराने का वीडियो वायरल।

 

Read More जल संसाधन विभाग में संविदा अफसर की मनमानी: रिटायरमेंट के बाद 4 साल से कुर्सी पर जमे, 2003 बैच के इंजीनियरों का नियमितीकरण रोका, 42 लाख के घोटाले की फाइल भी दबाई

पिछली सरकार के शराब घोटाले का राजदार आबकारी इंस्पेक्टर वर्तमान सत्ता के शीर्ष 'हाऊस' का ले रहा नाम।

Read More हाईवा से करता था वायर चोरी, 30 हजार के माल सहित आरोपी गिरफ्तार

 

रायपुर।छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री और ओवर-रेटिंग का सिंडिकेट एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार जहां एक ओर सुशासन और जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के भीतर बैठे कुछ रसूखदार अफसर सरकार की साख को बट्टा लगाने में जुटे हैं।

विभाग ने दिखावे के लिए कुछ कनिष्ठ अधिकारियों पर निलंबन की गाज तो गिरा दी है, लेकिन जिनकी जड़ें सत्ता के गलियारों तक फैली हैं, उन्हें खुलेआम बचाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दो दागी आबकारी इंस्पेक्टरों के निलंबन की दो अलग-अलग फाइलें आबकारी कमिश्नर के दफ्तर में कई दिनों से धूल फांक रही हैं, लेकिन रसूख के दबाव में कमिश्नर साहब कोई एक्शन नहीं ले पा रहे हैं।

 

संरक्षित बैगा आदिवासियों को धमकी, वीडियो वायरल

 

यह पूरा मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। इन दागी आबकारी इंस्पेक्टरों पर आरोप है कि ये राष्ट्रपति द्वारा गोद ली गई संरक्षित बैगा जनजाति के भोले-भाले आदिवासियों को सरेआम डरा-धमका रहे हैं।

आदिवासियों को आबकारी के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं और उनसे कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। इस पूरी गुंडागर्दी के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिसके बाद भी विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।

हाऊस और मंत्री कनेक्शन का खुला दावा

आखिर इन अफसरों को किसका संरक्षण प्राप्त है, यह एक बड़ा सवाल है। इसका जवाब खुद इन दागी अफसरों के बयानों और हरकतों में साफ छिपा नजर आता है।

विभाग के सूत्रों का कहना है कि ये इंस्पेक्टर बंद कमरों में खुलेआम दावा कर रहे हैं कि उनका संबंध सीधे कमिश्नर से लेकर 'हाऊस' तक है। उनका कहना है कि कोई भी रसूखदार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

बिना ट्रेनिंग सीधे मलाईदार पोस्टिंग

इस अफसर के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकारी नौकरी ज्वाइन करने के बाद इसने आज तक अनिवार्य फील्ड ट्रेनिंग ही नहीं की। पिछली सरकार के दौरान मात्र छह महीने के भीतर इसे सुकमा से सीधे बिलासपुर की 'वेलकम डिस्टलरी' का मलाईदार प्रभार मिल गया था।

उस वक्त शराब घोटाले में आरोपी कवासी लखमा आबकारी मंत्री थे। बताया जाता है कि तत्कालीन मंत्री ने सीधे आबकारी सचिव को फोन घुमाया और इस अफसर की मनचाही पोस्टिंग हो गई।

 

सत्ता बदली पर नहीं बदला रुतबा

 

राज्य में सत्ता बदल गई, लेकिन इस दागी अफसर का रुतबा कम नहीं हुआ। अब विभाग के गलियारों में यह अफवाह उड़ाई जा रही है कि वर्तमान गृहमंत्री, हाऊस के करीबियों और कमिश्नर से इसके सीधे और मधुर संबंध हैं।

इस तरह की धौंस और अफवाहों से नई सरकार की साफ-सुथरी छवि पर सीधा दाग लग रहा है। यह इंस्पेक्टर पिछली सरकार में हुए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले का मुख्य राजदार भी माना जा रहा है, जो अब उसी काली कमाई के दम पर खुद को बचाने का खेल खेल रहा है।

 

उड़नदस्ते की छापेमारी में खुली थी पोल

 

हाल ही में आबकारी विभाग के उड़नदस्ता दल ने प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान रायपुर, धमतरी, खैरागढ़, गंडई, हिरमी और कुरूद में शराब प्रेमियों से एमआरपी से 60 रुपये तक ज्यादा की अवैध वसूली पकड़ी गई थी।

इस बड़ी अनियमितता के बाद विभाग ने चार उप निरीक्षकों कौशल किशोर सोनी, प्रभाकर सिरमौर, मनराखन नेताम और पुरुषोत्तम सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही निरूपमा लोन्हारे, मुकेश अग्रवाल, राजेश कुमार शर्मा और जेबा खान समेत आठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।

 

क्या दागियों की संपत्ति की जांच करेगी सरकार?

 

कार्रवाई के दौरान आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने सख्त लहजे में कहा था कि उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूली एक गंभीर भ्रष्टाचार है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन जब बात इन दो रसूखदार इंस्पेक्टरों की आती है, तो आबकारी कमिश्नर के सारे नियम-कानून और दावे धरे के धरे रह जाते हैं।ठोस साक्ष्य और वायरल वीडियो सामने होने के बाद भी फाइलों को दबाकर बैठना सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Tags:

Latest News

छत्तीसगढ़ के जजों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़कर 62 वर्ष हुई: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर राज्य शासन का फैसला, राजपत्र में अधिसूचना जारी छत्तीसगढ़ के जजों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़कर 62 वर्ष हुई: सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन पर राज्य शासन का फैसला, राजपत्र में अधिसूचना जारी
Raipur No Flex Zone: कागजों में प्रतिबंध, सड़कों पर बैनर का कब्जा! नियमों की धज्जियां उड़ने पर निगम की कार्रवाई पर बड़े सवाल
लंबे इंतजार के बाद मिली खुशखबरी! कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की SLP की खारिज, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग का रास्ता खुला
बच्चा SNCU में, मां अस्पताल से लापता… रातभर खोजते रहे परिजन, जेंजरा में पेड़ पर मिला नवप्रसूता का शव, जांच में जुटी पुलिस
PM Awas Yojana: भूपेश बघेल और विजय शर्मा आमने-सामने, आवास के आंकड़ों पर छिड़ी तीखी बहस, जानें किसने क्या कहा..
Promotion से ज्यादा Peace जरूरी! Gen Z क्यों ठुकरा रहा Manager बनने का मौका? ‘Conscious Unbossing’ के पीछे छिपी है नई Career Thinking
PM Surya Ghar Yojana: सोलर सिस्टम में गड़बड़ी का आरोप, पूर्व विधायक कृष्ण कुमार ध्रुव ने उठाए सवाल; उच्चस्तरीय जांच की मांग
Blood For Mobile EMI: मोबाइल की EMI नहीं चुकाई तो युवक को बनाया बंधक! खून बेचने के लिए ब्लड बैंक ले जाने का आरोप, पुलिस पर भी उठे सवाल
Hasdeo Arandh News: तारा कोल ब्लॉक की नीलामी से फिर गरमाया हसदेव का मुद्दा, जंगल, आदिवासी अधिकार और सरकार की नीति पर उठे बड़े सवाल
Gurugram Hit and Run Case: सड़क पर महिला बाइकर को टक्कर… फिर कार लेकर फरार! CCTV वायरल होते ही पुलिस ने राजस्थान से आरोपी को दबोचा, 307 में केस
अकेले अफगानिस्तान घूमना पड़ा भारी! बामियान में भारतीय महिला व्लॉगर को रोका, ‘गिरफ्तारी’ की बात से डरीं; सोशल मीडिया पर मांगी मदद
UPI Payment Charges: 2,000 तक UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा कोई चार्ज, सरकार ने बैंकों को दिया बड़ा निर्देश