सीएम सचिवालय में सत्ता का नया समीकरण सुबोध सिंह बने सबसे पावरफुल, संभागों की सीधी मॉनिटरिंग से कसावट की तैयारी

सीएम सचिवालय में सत्ता का नया समीकरण सुबोध सिंह बने सबसे पावरफुल, संभागों की सीधी मॉनिटरिंग से कसावट की तैयारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ में सरकार ने प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार और जवाबदेही बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। सिर्फ काम का बंटवारा करने के बजाय इस बार फोकस माइक्रो मैनेजमेंट और फील्ड मॉनिटरिंग पर है। पुरानी व्यवस्था को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल फाइलों का निपटारा नहीं होगा बल्कि योजनाओं का असर जमीन पर दिखना चाहिए। इस नए सेटअप में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और सचिवों को विभागवार और संभागवार दोहरी जिम्मेदारी दी गई है ताकि विकास कार्यों और जन शिकायतों की सीधी ट्रैकिंग हो सके।

सुबोध सिंह के पास सबसे अहम कमान

इस पुनर्गठन में प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सबसे मजबूत अधिकारी के तौर पर उभरे हैं। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय का पूरा दारोमदार उनके कंधों पर होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय राष्ट्रपति भवन नीति आयोग और सुप्रीम कोर्ट से जुड़े अहम विषय वे ही देखेंगे। राज्य के भीतर सामान्य प्रशासन वित्त खनिज उद्योग और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जैसे सबसे महत्वपूर्ण विभागों की मॉनिटरिंग उनके पास रहेगी।

 

Read More महिला SP के जिले में बीमार बच्ची को डॉक्टर ने बताया गर्भवती, पुलिस ने रातभर गला दबाकर पूछा- बता, किसके साथ...

योजनाओं और घोषणाओं को धरातल पर उतारने का जिम्मा

Read More Raipur News: 49 मामलों के आरोपी हिस्ट्रीशीटर छोटू भाण्डूलकर 6 जिलों से जिला बदर, प्रशासन का बड़ा एक्शन

 

मुख्यमंत्री की घोषणाओं को समय पर पूरा करने के लिए सचिव मुकेश कुमार बंसल को तैनात किया गया है। वे कृषि ऊर्जा आबकारी और जल संसाधन जैसे विभागों की निगरानी करेंगे। वहीं सचिव पी दयानंद को मुख्यमंत्री सहायता कोष और विशेष स्वास्थ्य योजना सहित लोक निर्माण व स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है जिससे आम जनता को सीधे राहत पहुंचाने वाले काम तेज हो सकें।

कानून व्यवस्था और जन शिकायत पर फोकस

सचिव राहुल भगत मुख्यमंत्री निवास के समन्वय के साथ गृह परिवहन और महिला बाल विकास जैसे विभागों की कमान संभालेंगे। विशेष सचिव रजत बंसल के पास सुशासन तिहार और पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ शिक्षा विभागों की मॉनिटरिंग रहेगी। संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन और जन शिकायत निवारण का नोडल बनाया गया है जिससे आम जनता की समस्याओं का सीधा और त्वरित समाधान हो सके। राजस्व और नगरीय प्रशासन भी उनके पास रहेगा।

 संभागवार नोडल सिस्टम से कसावट

इस नई प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति है। प्रदेश के पांचों संभागों के लिए अब मुख्यमंत्री सचिवालय के अफसर सीधे जिम्मेदार होंगे। इससे प्रशासन में एक नया पावर सेंटर बनेगा जो मैदानी स्तर की घटनाओं लंबित मामलों और विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करेगा। माना जा रहा है कि यह कदम लालफीताशाही खत्म करने और सरकार की प्राथमिकताओं को तेजी से लागू करने के लिए उठाया गया है।

Tags:

Related Posts

Latest News

ममता बनर्जी पर FIR दर्ज: भाषण को लेकर बढ़ा विवाद, गृह मंत्रालय पर टिप्पणी बनी वजह ममता बनर्जी पर FIR दर्ज: भाषण को लेकर बढ़ा विवाद, गृह मंत्रालय पर टिप्पणी बनी वजह
पुणे में Wipro पर गंभीर आरोप: धर्मांतरण और उत्पीड़न शिकायत के बाद पुलिस जांच तेज, कंपनी को नोटिस
सत्ता परिवर्तन यात्रा से पहले सांसद चंद्रशेखर नजरबंद, आवास को पुलिस ने चारों ओर से घेरा
Punjab Terror Plot Foiled: मोहाली से दो संदिग्ध गिरफ्तार, IED बरामद, बड़े हमले की साजिश नाकाम
सरगुजा में प्रेमी जोड़े की संदिग्ध मौत, एक ही पेड़ पर लटके मिले दोनों के शव, जांच में जुटी पुलिस
CG NEWS: अस्पताल में नशे में ड्यूटी करता मिला डॉक्टर, मरीज के परिजनों से विवाद का VIDEO वायरल
मुंगेली के लाइफ लाइन अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की सख्ती, निरीक्षण में मिली कई खामियां, प्रबंधन को नोटिस जारी
CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में मौसम का यू-टर्न, कई जिलों में बारिश-आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन पर बवाल: NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई, कांग्रेस ने उठाए सवाल
Motorola Edge 2026 Launch: 50MP ट्रिपल कैमरा, 5000mAh बैटरी और Military-Grade मजबूती के साथ आया नया स्मार्टफोन
छत्तीसगढ़ में अवैध रेत खनन पर राज्यपाल सख्त नदियों को बचाने आईआईटी से सर्वे कराने के निर्देश खनिज सचिव तलब
44 करोड़ का पैरी नहर घोटाला: पीएमओ के निर्देश के बाद भी IAS सुब्रत साहू पर कार्रवाई लंबित, फाइलों में दबा मामला