Iran-US War Update: खाड़ी में अमेरिकी सेना की एंट्री, क्या शुरू होने वाला है जमीनी युद्ध?

Iran-US War Update: खाड़ी में अमेरिकी सेना की एंट्री, क्या शुरू होने वाला है जमीनी युद्ध?

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी युद्ध की आशंकाएं तेज हो गई हैं। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के चार हफ्ते बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब तक ईरान के 9,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है।

तनाव का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। ईरान की ओर से इस मार्ग को बाधित करने की कोशिशों के जवाब में अमेरिका ने अपनी नौसेना और थल सेना की सबसे घातक टुकड़ियों को तैनात कर दिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि वॉशिंगटन अब सिर्फ एयर स्ट्राइक नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर ग्राउंड ऑपरेशन के लिए भी तैयार है।

खाड़ी की ओर बढ़ते अमेरिकी सैन्य जमावड़े में ‘यूएसएस ट्रिपोली’ के नेतृत्व वाला एम्फीबियस रेडी ग्रुप सबसे अहम माना जा रहा है, जो एफ-35बी जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों और मरीन कमांडो के साथ किसी भी समय समुद्र और हवा दोनों रास्तों से हमला करने में सक्षम है। इसके अलावा ‘यूएसएस बॉक्सर’ ग्रुप भी हजारों सैनिकों के साथ तेजी से युद्ध क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, जिससे अमेरिकी सैन्य ताकत और बढ़ गई है।

Read More G7 मंच से भारत की आवाज बुलंद! पीएम मोदी ने ट्रंप की मौजूदगी में उठाया भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा

जमीनी मोर्चे को मजबूत करने के लिए अमेरिका ने अपनी सबसे तेज प्रतिक्रिया देने वाली यूनिट 82nd एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 सैनिकों को भी तैनात किया है। यह डिवीजन दुनिया में कहीं भी 18 घंटे के भीतर उतरकर रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा करने में सक्षम है। मरीन और एयरबोर्न सैनिकों को मिलाकर करीब 7,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती इस ओर इशारा कर रही है कि अमेरिका ‘पिंसर मूवमेंट’ यानी दोतरफा घेराबंदी की रणनीति पर काम कर रहा है।

Read More Israel-Hezbollah Ceasefire: युद्धविराम के कुछ घंटों बाद ही लेबनान पर इजरायली हमला, 5 लोगों की मौत, क्षेत्र में फिर बढ़ा तनाव

दूसरी ओर, ईरान भी लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए जवाब दे रहा है और पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दे रहा। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं जहां किसी भी वक्त यह टकराव पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो हफ्ते मिडिल ईस्ट की दिशा तय कर सकते हैं, क्या यह सिर्फ ताकत का प्रदर्शन है या बड़े जमीनी हमले की शुरुआत, इसका जवाब अब बहुत दूर नहीं।

Latest News

बिलासपुर: विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल वालों पर लगाए हत्या के आरोप बिलासपुर: विवाहिता की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, मायके पक्ष ने पति समेत ससुराल वालों पर लगाए हत्या के आरोप
1 जुलाई से बदल जाएगा बिजली बिल का नियम: अब देरी के दिनों का ही लगेगा चार्ज, पूरे महीने की पेनल्टी खत्म
काम करते-करते मलबे में दब गए मजदूर! कोलकाता गोदाम हादसे में कई मौतें, 40 लोग मलबे में फंसे, राहत-बचाव अभियान जारी
15 साल बाद फिर खुली घोटाले की फाइल! ACB की दबिश से शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, कई बड़े नाम रडार पर
रायगढ़ इस्पात प्लांट में बड़ा हादसा! फर्नेस से निकली गर्म सामग्री की चपेट में आए तीन मजदूर, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल!
रायपुर में विकसित भ्रूण मिलने से सनसनी, ESIC अस्पताल के पास दूसरी बार हुई ऐसी घटना, जांच में जुटी पुलिस
डिटर्जेंट बनाने के नाम पर किराए पर लिया गोदाम, अंदर चल रही थी अवैध गुटखा फैक्ट्री; भारी मात्रा में माल जब्त
किन्नौर में बादल फटने से मची तबाही, काचरंग नाले में उफान से टूटीं सड़कें, बगीचों में घुसा मलबा
महतारी वंदन योजना की अगली किस्त पर खतरा! 20 हजार महिलाओं का e-KYC अधूरा, 30 जून आखिरी मौका
क्या छत्तीसगढ़ बना सुरक्षित ठिकाना? संदिग्ध बांग्लादेशी नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
सुरक्षा व्यवस्था की खुली पोल! बाल संप्रेक्षण गृह से 11 अपचारी बालक फरार, प्रशासन में मचा हड़कंप
सियासी गलियारों में मची हलचल: सीएम साय, डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे दिल्ली, क्या होने वाली है मंत्रिमंडल की सर्जरी ?