AI डेटा चोरी का विवाद: अमेरिकी लैब्स पर ‘डिस्टिलेशन अटैक’ का आरोप, चीन की कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
नई दिल्ली। वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में डेटा सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी एआई कंपनी Anthropic ने आरोप लगाया है कि कुछ चीनी टेक फर्म्स उसके एडवांस्ड एआई मॉडल से डेटा निकालने की संगठित कोशिश कर रही हैं। इस शिकायत के बाद United States Department of State ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक रणनीतिक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सहयोगी देशों को इस खतरे से अवगत कराया जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, DeepSeek, Moonshot AI और MiniMax पर आरोप है कि उन्होंने बड़े पैमाने पर ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया में महंगे और शक्तिशाली एआई मॉडल के आउटपुट को निकालकर छोटे और कम लागत वाले मॉडल को ट्रेन किया जाता है। इससे न केवल बौद्धिक संपदा का उल्लंघन होता है, बल्कि वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में असमानता भी पैदा होती है।
Anthropic के अनुसार, इन कंपनियों ने फर्जी खातों और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए उसके क्लाउड-आधारित चैटबॉट तक करोड़ों बार पहुंच बनाई। जांच में सामने आया कि असामान्य पैटर्न के जरिए एजेंटिक रीजनिंग, कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसी क्षमताओं को निकालने का प्रयास किया गया। कंपनी का दावा है कि यह एक संगठित और इंडस्ट्रियल स्तर का ऑपरेशन था, जिसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धी एआई मॉडल को तेजी से विकसित करना था।
इस पूरे मामले ने एआई इंडस्ट्री में डेटा प्रोटेक्शन, बौद्धिक संपदा और टेक्नोलॉजिकल एथिक्स को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी प्रशासन अब संभावित नीतिगत कदमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे ‘डिस्टिलेशन अटैक’ पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह भविष्य में एआई इनोवेशन और साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
