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पता चल गया लंबी उम्र का राज, रोज सिर्फ 5 मिनट की एक्स्ट्रा नींद और 2 मिनट की वॉक बदल देगी आपकी जिंदगी
नई दिल्ली। भारत में औसत आयु अब 70 वर्ष के पार पहुंच गई है, लेकिन क्या हम वाकई 'स्वस्थ' जी रहे हैं? आंकड़े बताते हैं कि एक औसत भारतीय अपने जीवन के आखिरी 10 साल लंबी बीमारियों (जैसे डायबिटीज और हाई बीपी) से लड़ते हुए बिताता है। हाल ही में 'द लांसेट में प्रकाशित एक स्टडी ने लंबी उम्र और बीमारियों से मुक्त जीवन के बीच का एक बेहद आसान रास्ता दिखाया है। आइए जानते हैं कैसे आप लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
नींद, कसरत और खान-पान हैं जरूरी स्तंभ
शोधकर्ताओं ने 59,000 लोगों के डेटा का विश्लेषण कर यह पाया कि नींद, फिजिकल एक्टिविटी और डाइट, ये तीनों मिलकर तय करते हैं कि आप कितने साल स्वस्थ जिएंगे। अच्छी खबर यह है कि आपको किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं है, बल्कि छोटे-छोटे सुधार ही बड़े नतीजे दे सकते हैं।
20 मिनट की सैर
अध्ययन में फिजिकल एक्टिविटी को सबसे जरूरी माना गया है। जो लोग दिन में कम से कम 20-22 मिनट तेज चलते हैं या एक्टिव रहते हैं, उनकी उम्र और सेहत में तेजी से सुधार देखा गया। रोजाना अगर आप सिर्फ 20 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज करना शुरू कर देंगे, तो आपको मेटाबॉलिक और दिल के स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे मिलेंगे।
छोटे बदलाव, बड़ा फायदा
अक्सर लोग केवल डाइट बदलते हैं या सिर्फ जिम जाते हैं, लेकिन नींद की कमी को नजरअंदाज कर देते हैं। स्टडी के अनुसार, सिर्फ एक आदत को ठीक करना काफी नहीं है।
- नींद- रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद हार्मोन को नियंत्रित करती है।
- डाइट- खाने में फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करना शरीर को मरम्मत की ताकत देता है।
- एक्टिविटी- रोजाना की सैर ग्लूकोज लेवल और बीपी को कंट्रोल करती है।
हैरानी की बात यह है कि अगर आप अपनी नींद में सिर्फ 5 मिनट का इजाफा, सैर में 2 मिनट की बढ़ोतरी और डाइट में थोड़ा सा सुधार एक साथ करते हैं, तो आपकी अनुमानित उम्र और सेहत में एक साल की बढ़ोतरी हो सकती है।
बीमारी मुक्त जीवन के 9 साल
सबसे बेहतर लाइफस्टाइल वाले समूह (7-8 घंटे की नींद, 40 मिनट से ज्यादा एक्सरसाइज और अच्छी डाइट) ने सबसे खराब लाइफस्टाइल वाले समूह की तुलना में 9 साल ज्यादा लंबी उम्र और 9 साल ज्यादा बीमारी मुक्त जीवन पाया। इसमें दिल की बीमारियां, कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज और डिमेंशिया जैसी बड़ी बीमारियों का खतरा काफी कम हो गया।
छोटे कदम, बड़ी जीत
भारत जैसे देश में जहां इलाज का खर्च और प्रदूषण बढ़ रहा है, वहां हेल्थ-स्पैन बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए आपको अपना जीवन बदलने की जरूरत नहीं है; बस अपनी रात की नींद के लिए आधा घंटा बचाएं, शाम को थोड़ी देर तेज चलें और अपनी थाली में फाइबर बढ़ाएं। ये छोटे और निरंतर सुधार ही आपको बुढ़ापे में आत्मनिर्भर और स्वस्थ रखेंगे।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
