मच्छरों को भगाने के लिए यूज करते हैं अगरबत्ती? कहीं बीमारी की वजह तो नहीं, HICA के सर्वे में चिंताजनक स्थिति सामने आई

मच्छरों को भगाने के लिए यूज करते हैं अगरबत्ती? कहीं बीमारी की वजह तो नहीं, HICA के सर्वे में चिंताजनक स्थिति सामने आई

घर में मच्छरों से बचने के लिए कई लोग मच्छर अगरबत्ती, कॉइल और धुआं करने वाले रिपेलेंट का इस्तेमाल करते हैं. ये प्रोडक्ट्स मच्छरों को दूर रखने में मदद करते हैं, लेकिन हर प्रोडक्ट पूरी तरह सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है. कुछ बिना सरकारी मंजूरी वाले या असामान्य प्रोडक्ट्स का धुआं सांस और फेफड़ों पर बुरा असर डाल सकता है. खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्थमा या एलर्जी के मरीजों को इससे अधिक परेशानी हो सकती है.

हाल ही में नेशनल डेंगू डे पर जारी HICA सर्वे ने इस चिंता को और बढ़ा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, कई परिवार लंबे समय से ऐसे उत्पादों का रोजाना इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उनमें से कुछ पर जरूरी सरकारी रजिस्ट्रेशन नंबर भी नहीं होता. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि कौन से उत्पाद ज्यादा जोखिम वाले हो सकते हैं, इनका धुआं शरीर पर क्या असर डाल सकता है और सुरक्षित रहने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

रिपोर्ट में क्या सामने आया और कौन से मच्छर रिपेलेंट ज्यादा जोखिम वाले हैं?
Home Insect Control Association (HICA) की ओर से कराया गया यह सर्वे मार्केट रिसर्च कंपनी Kantar ने 12 शहरों में किया. इसमें 1,264 परिवारों और 405 डॉक्टरों को शामिल किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत डॉक्टरों ने अवैध मच्छर अगरबत्तियों को सांस के लिए बड़ा खतरा बताया, जबकि 67 प्रतिशत डॉक्टरों ने इनके धुएं को सिगरेट के धुएं जितना नुकसानदायक माना.

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विशेषज्ञों के अनुसार, जिन उत्पादों पर Central Insecticides Registration (CIR) नंबर नहीं लिखा होता, उनसे बचना चाहिए. बिना लेबल वाले लोकल और असामान्य ब्रांड अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं, क्योंकि उनमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की जानकारी स्पष्ट नहीं होती.

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मच्छर अगरबत्ती के धुएं से सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?
लगातार धुआं वाली मच्छर अगरबत्ती जलाने से सांस लेने में दिक्कत, खांसी, सीने में जलन और गले में खराश हो सकती है. कुछ लोगों को आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है. अस्थमा, एलर्जी और COPD के मरीजों में यह धुआं लक्षणों को बढ़ा सकता है. बच्चों और बुज़ुर्गों के सेंसिटिव फेफड़ों पर इसका असर अधिक गंभीर हो सकता है.

सुरक्षित रहने के लिए क्या करें? डॉक्टर क्या कहते हैं
मच्छर रिपेलेंट खरीदते समय पैक पर CIR रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर देखें. बिना लेबल और अनब्रांडेड उत्पादों से बचें. कमरे में हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें और बच्चों तथा बुज़ुर्गों के कमरे में लगातार धुआं न करें. डॉ. के अनुसार, केवल सरकारी मंजूरी और सुरक्षा परीक्षण वाले उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए. मच्छरदानी और खिड़की की जाली जैसे विकल्प भी उपयोगी हो सकते हैं.

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