दूध के बैक्टीरिया कितने खतरनाक, इनको कैसे करें खत्म?

दूध के बैक्टीरिया कितने खतरनाक, इनको कैसे करें खत्म?

दूध रोज़मर्रा की जरूरत है और इसे पोषण का अच्छा सोर्स माना जाता है. लेकिन हाल ही में आई एक संस्था की रिपोर्ट ने दूध की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कई बड़ी दूध कंपनियों के मिल्क पाउच में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा पाए गए हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि दूध आखिर कितना सुरक्षित है. दरअसल, दूध तभी पूरी तरह सुरक्षित रहता है जब उसे निकालते समय, स्टोरेज और सप्लाई के दौरान साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए.

पशु के ब्रेस्ट की ठीक से सफाई न होना, गंदे बर्तनों का इस्तेमाल, खुले में दूध निकालना या रखना और गर्म मौसम में देर तक बिना ठंडा किए छोड़ देना बैक्टीरिया बढ़ने के मुख्य कारण हैं. कई बार दूध निकालने के बाद उसे तुरंत ठंडा नहीं किया जाता, जिससे उसमें महीन जीव तेजी से पनपने लगते हैं. घर पर भी अगर दूध को बार-बार खुला छोड़ दिया जाए या बिना ढके रखा जाए, तो उसमें बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं. कई बार दूध देखने और स्वाद में ठीक लगता है, लेकिन उसमें हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं. इसलिए दूध को हमेशा सही तापमान पर रखना और साफ तरीके से स्टोर करना जरूरी है. आइए इस बारे में जानते हैं.

दूध के बैक्टीरिया से शरीर को क्या नुकसान हो सकते हैं?
डॉ. बताते हैं कि दूध में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया शरीर के पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं.इनके कारण पेट दर्द, गैस, दस्त और उलटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. छोटे बच्चों, प्रेगनेंट महिलाओं और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है.

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दूषित दूध का सेवन करने से शरीर में पानी और जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होती है. कुछ लोगों को हल्का बुखार या शरीर में दर्द भी हो सकता है.बार-बार ऐसे दूध का सेवन करने से पाचन शक्ति प्रभावित हो सकती है और शरीर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है. इसलिए दूध की शुद्धता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.

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दूध के बैक्टीरिया को कैसे खत्म करें?
दूध को सुरक्षित बनाने के लिए उसे कम से कम एक बार अच्छी तरह उबालना जरूरी है. दूध को लगभग 100 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करें यानी जब उसमें पूरा उबाल आ जाए. उबाल आने के बाद 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें, ताकि हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो सकें. इसके बाद दूध को ढककर रखें और उसे 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर फ्रिज में स्टोर करें. हमेशा साफ और सूखे बर्तनों का ही इस्तेमाल करें.

सावधानियां भी जरूरी
हमेशा ताजा और भरोसेमंद सोर्स से दूध खरीदें. दूध को कमरे के तापमान पर ज्यादा देर न रखें. पैकेट वाला पास्चराइज्ड दूध दूसरे दूध की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. अगर दूध की गंध या रंग बदला लगे, तो उसका सेवन न करें.

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