जिम जा रहे हैं, फिर भी वजन नहीं घट रहा? कहीं यह मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस तो नहीं

जिम जा रहे हैं, फिर भी वजन नहीं घट रहा? कहीं यह मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस तो नहीं

अगर आप रोज जिम जा रहे हैं, पसीना भी खूब बहा रहे हैं, फिर भी वजन कम नहीं हो रहा है, तो यह सामान्य बात नहीं है. ऐसी स्थिति में मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस एक वजह हो सकती है. यह ऐसी अवस्था है, जिसमें शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है और कैलोरी बर्न होने की रफ्तार कम हो जाती है. इसका मतलब है कि शरीर उतनी एनर्जी खर्च नहीं कर पाता, जितनी करनी चाहिए. इसके संकेतों में वजन का लंबे समय तक स्थिर रहना, पेट के आसपास चर्बी जमा होना, थकान महसूस होना, वर्कआउट के बाद भी सुस्ती रहना और मीठा खाने की अधिक इच्छा होना शामिल हो सकते हैं.

कई लोगों को सुबह उठते ही भारीपन महसूस होता है और दिन भर शरीर में एनर्जी की कमी बनी रहती है. थोड़ी-सी मेहनत के बाद जल्दी थक जाना भी इसका संकेत हो सकता है. कुछ मामलों में नींद पूरी होने के बाद भी फ्रेश महसूस नहीं होता. ऐसे लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आइए, मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस के कारणों और बचाव के तरीकों को जानते हैं.

मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस के क्या कारण हैं?
डॉ. बताते हैं कि मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस कई कारणों से विकसित हो सकता है. लंबे समय तक असंतुलित डाइट लेना, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड और शुगर का सेवन करना शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया को प्रभावित करता है. नींद की कमी भी मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है, जिससे शरीर फैट को एनर्जी में बदलने में पीछे रह जाता है.

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लगातार तनाव में रहने से हॉर्मोनल असंतुलन होता है, जो वजन घटाने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है. बहुत कम कैलोरी वाली डाइट लंबे समय तक लेने से भी शरीर सेविंग मोड में चला जाता है और कैलोरी खर्च कम कर देता है. इसके अलावा हॉर्मोन से जुड़ी समस्याएं, जैसे थायरॉइड असंतुलन, भी मेटाबॉलिक रफ्तार को प्रभावित कर सकती हैं.

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किसको मेटाबॉलिक रेजिस्टेंस का ज्यादा खतरा होता है?
जिन लोगों की लाइफस्टाइल बैठकर काम करने वाली है, उन्हें इसका खतरा ज्यादा होता है. परिवार में डायबिटीज या मोटापे का इतिहास होने पर भी संभावना बढ़ जाती है. अनियमित खानपान, कम शारीरिक एक्टिविटी और लंबे समय तक वजन बढ़ा रहना भी जोखिम को बढ़ाता है. महिलाओं में हॉर्मोनल बदलाव के दौरान यह समस्या ज्यादा देखी जा सकती है.

बचाव क्या है?
संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना जरूरी है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल हों. नियमित व्यायाम के साथ स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर भी ध्यान दें. पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें. क्रैश डाइट से बचें यानी बहुत कम खाना खाकर तेजी से वजन घटाने की कोशिश न करें, बल्कि धीरे-धीरे और हेल्दी तरीके से वजन कम करने का लक्ष्य रखें. नियमित हेल्थ चेकअप भी फायदेमंद हो सकता है.

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