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जाज्वल्यदेव महोत्सव में मची ‘कुर्सी की राजनीति’, वीआईपी सीटिंग पर भिड़े जनप्रतिनिधि और अफसर
जांजगीर-चांपा। तीन दिवसीय जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का समापन समारोह शुक्रवार को आयोजित हुआ, लेकिन रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बजाय मंच के सामने लगी कुर्सियों को लेकर हुआ विवाद सुर्खियों में रहा। कार्यक्रम के दौरान वीआईपी पंक्ति में बैठने को लेकर भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई, जिससे कुछ समय के लिए आयोजन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
वीआईपी सीटिंग को लेकर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के लिए आरक्षित कुर्सियों पर कुछ स्थानीय नेता बैठ गए थे। इस पर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद मंच के सामने ही बहस शुरू हो गई। मामला बढ़ते-बढ़ते प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों के बीच खुली तकरार में बदल गया। इस पूरे घटनाक्रम पर जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी और उपाध्यक्ष ने भी नाराजगी जताई। आयोजन समिति और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच काफी देर तक चर्चा चलती रही, जिससे कार्यक्रम की गति प्रभावित हुई।
सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई प्रभावित
विवाद का असर सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी पड़ा। इसी दौरान छत्तीसगढ़ की चर्चित लोक गायिका आरु साहू की प्रस्तुति चल रही थी, लेकिन मंच के सामने बनी असहज स्थिति के कारण दर्शकों का ध्यान कार्यक्रम से भटक गया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष के पहुंचते ही थमा विवाद
स्थिति तब नियंत्रित हुई जब नारायण चंदेल (पूर्व नेता प्रतिपक्ष) कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके आगमन के बाद माहौल शांत हुआ और समापन समारोह की औपचारिक कार्यवाही दोबारा शुरू की जा सकी। हालांकि आयोजन संपन्न हो गया, लेकिन कुर्सी विवाद ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
