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सेलेब्स की बात मानकर न करें ये गलती! 2025 में वायरल हुए 4 इलाज पूरी तरह फेल, जान लें इनकी सच्चाई
नई दिल्ली। साल 2025 कुछ ही दिनों में अलविदा कहने को तैयार है। नया साल शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी है। साल खत्म होने से पहले हर कोई बीते दिनों को याद कर रहा है। इस साल काफी कुछ देखने और सुनने को मिला। कुछ चौंकाने वाला, तो कुछ ऐसा जिसे सुनकर सिर घूम गया।
ऐसा ही कुछ हुआ जब हमारे चहेते सितारों ने सेहत और कुछ बीमारियों के इलाज से जुड़े ऐसे दावे किए, जिसने सभी के होश उड़ा दिए। आज ईयर एंडर की इस सीरीज में हम जानेंगे कुछ ऐसे ही दावों के बारे में, जिसे सुन खुद डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। आइए जानते हैं ऐसे कुछ दावे और उनकी सच्चाई-
'यूरिन थेरेपी' को लेकर चौंकाने वाला दावा
दावाः फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार परेश रावल लंबे समय से अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीतने वाले परेश रावल का अप्रैल में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि घुटने की चोट को सही करने के लिए 5 दिनों तक थोड़ी-थोड़ी यूरिन पी और इससे उन्हें फायदा मिला।
सच्चाई: इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉक्टर्स ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो खुद का या किसी और का यूरिन पीना मेडिकली सही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। साथ ही इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण भी नहीं है कि ऐसा करने से दर्द या चोट को ठीक हो सकती है।
ऑटोफैजी से कैंसर रिकवरी का दावा
दावा: 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे ने भी इस साल अपने दावे से सभी को हैरान कर दिया था। नवंबर 2025 में, उन्होंने दावा किया था कि उनकी कैंसर की रिकवरी में 'ऑटोफैजी' (Autophagy) बड़ा हाथ था। उन्होंने कहा कि शरीर द्वारा अपनी ही डैमेज सेल्स को खाने की प्रोसेस (ऑटोफैजी) ने उनके इलाज में मदद की।
सच्चाई: इस दावे के बारे में हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि भले ही यह एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन इसे कैंसर का 'इलाज' मानना गलत है। डॉक्टर्स का मानना है कि कई बार ऑटोफैजी कैंसर सेल्स को जिंदा रखने में मदद कर सकती है, इसलिए मरीजों को डॉक्टर के बताए गए इलाज (कीमोथेरेपी/सर्जरी) पर ही भरोसा करना चाहिए।
एंटी-एजिंग के लिए NMN सप्लीमेंट्स
दावा: साउथ फिल्मों की दमदार अदाकारा सामंथा रुथ प्रभु भी इस साल सेहत को लेकर किए अपने एक दावे की वजह से काफी चर्चा में रही थी। एक्ट्रेस ने कुछ समय पहले अपने मायोसिटिस नामक एक ऑटोइम्यून बीमारी से पीड़ित होने की बात स्वीकार की थी। इसी बीच उन्होंने NMN (Nicotinamide Mononucleotide) सप्लीमेंट्स को लेकर दावा किया ये सप्लीमेंट्स उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा या उल्टा (reverse aging) कर सकता है और एनर्जी लेवल बढ़ाता है।
सच्चाई: मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें, तो NMN सप्लीमेंट्स इंसानों के लिए सुरक्षित हैं या नहीं, इसका कोई लॉन्ग-टर्म डेटा मौजूद नहीं है। यह भले ही कुछ हद तक फायदा पहुंचा सकते हैं, लेकिन "उम्र बढ़ने की प्रोसेस को रिवर्स" करने के प्रमाण पर अभी भी और शोध की जरूरत है।
स्टेज-4 कैंसर का इलाज
दावा: पूर्व भारतीय खिलाड़ी और नेता नवजोत सिंह सिद्धू अक्सर किसी न किसी वजह से चर्चा में बने रहते हैं। अपने ऐसे ही एक बयान को लेकर इस साल वह काफी ज्यादा सुर्खियों में थे, जब उन्होंने यह दावा किया था कि खास तरह की डाइट ने उनकी पत्नी के चौथे स्टेज के कैंसर सही करने में मदद की। उन्होंने दावा किया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग, हर्बल ड्रिंक्स, नीम और हल्दी जैसी जड़ी-बूटियों की मदद से उनकी पत्नी ने कैंसर को मात दी है।
सच्चाई: उनके इस दावे के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। साथ ही इस पर कई हेल्थ एक्सपर्ट ने उनके इस दावे को सिरे नकार दिया था। उन्होंने सिद्धू के दावों को अवैज्ञानिक और मेडिकल क्रेडिबिलिटी की कमी वाला बताकर खारिज कर दिया था।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
