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ड्यूटी के दौरान जवान ने साथी प्रधान आरक्षक को चार गोलियाँ मारीं, मौत
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ पोस्ट के भीतर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। ड्यूटी के दौरान हुए मामूली विवाद में एक जवान ने अपने ही साथी प्रधान आरक्षक को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सुरक्षा बल के भीतर की कलह और तनाव को दर्शाती है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह वारदात तड़के करीब 4 बजे हुई। आरपीएफ जवान एस. लादेर (जांजगीर-चांपा निवासी) और प्रधान आरक्षक पी.के. मिश्रा (मध्य प्रदेश के रीवा निवासी) दोनों बैचमेट थे और रात की ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया कि किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो इतना बढ़ गया कि जवान एस. लादेर ने प्रधान आरक्षक पी.के. मिश्रा के सिर पर चार राउंड गोलियाँ दाग दीं। गोली लगते ही पी.के. मिश्रा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
आरपीएफ पोस्ट सील, आईजी का इंतजार
इस खूनी वारदात के तुरंत बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे। आनन फानन में आरपीएफ पोस्ट को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। फिलहाल किसी को भी पोस्ट के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है। आला अधिकारियों का कहना है कि अब इंस्पेक्टर जनरल आईजी के आने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बल के दफ्तर में हुई इस हत्या पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हथियारबंद जवानों के बीच तनाव रोकने के लिए कोई प्रोटोकॉल क्यों नहीं था।
पत्नी पहुँचीं, माहौल गमगीन
इस बीच, मृतक प्रधान आरक्षक पी.के. मिश्रा की पत्नी भी घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं। अपने पति को खोने के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है। आरपीएफ पोस्ट के बाहर का माहौल गमगीन और तनावपूर्ण बना हुआ है। अब देखना होगा कि आईजी की जाँच में इस जघन्य हत्या के पीछे का सही कारण क्या निकलता है, या फिर इसे ड्यूटी के तनाव कहकर दबा दिया जाता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
