- Hindi News
- छत्तीसगढ़
- Chhattisgarh में होली पर ड्राई डे: सरकार ने पलटा फैसला, राज्यभर में बंद रहेंगी शराब दुकानें...
Chhattisgarh में होली पर ड्राई डे: सरकार ने पलटा फैसला, राज्यभर में बंद रहेंगी शराब दुकानें...
रायपुर। छत्तीसगढ़ में होली के दिन शराब बिक्री को लेकर सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है। पहले नई आबकारी नीति में होली को ड्राई डे की सूची से हटाया गया था, लेकिन अब राज्य सरकार ने रुख बदलते हुए होली पर शराब बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। आबकारी विभाग इस संबंध में जल्द औपचारिक आदेश जारी करेगा।
क्यों बदला गया फैसला?
सूत्रों के अनुसार, सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। होली जैसे बड़े त्योहार पर संभावित अव्यवस्था और सुरक्षा पहलुओं को देखते हुए राज्यभर में शराब दुकानें बंद रखने का फैसला किया गया है।
नई आबकारी नीति में क्या था प्रावधान?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति में पहले सात ड्राई डे निर्धारित थे, जिनमें से तीन होली, मुहर्रम और 30 जनवरी (महात्मा गांधी निर्वाण दिवस) को हटाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद यह माना जा रहा था कि इन अवसरों पर शराब दुकानें खुली रहेंगी। हालांकि, 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर दुकानें खुली रहने के विरोध में प्रदेशभर में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन हुए थे। कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे बापू के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी।
अब कौन-कौन से दिन रहेंगे ड्राई डे?
संशोधित व्यवस्था के अनुसार, वर्ष 2026-27 में निम्नलिखित चार दिन आधिकारिक ड्राई डे रहेंगे-
- 26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
- 15 अगस्त – स्वतंत्रता दिवस
- 2 अक्टूबर – गांधी जयंती
- 18 दिसंबर – गुरु घासीदास जयंती
होली के लिए अलग से प्रतिबंध लागू किया जाएगा, जिसकी अधिसूचना जल्द जारी होने की संभावना है। राज्य सरकार के इस फैसले को त्योहारों के दौरान शांति और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आदेश जारी होने के बाद सभी जिलों में संबंधित निर्देश प्रभावी हो जाएंगे।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
