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‘डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ…’ उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का तीखा वार, केंद्र पर तानाशाही का आरोप
नई दिल्ली। एआई समिट में हुए शर्टलेस प्रदर्शन के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। आज (24 फरवरी 2026) सुबह दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गिरफ्तारी को “तानाशाही प्रवृत्ति” करार देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि “यूथ कांग्रेस डरने वाला नहीं है।”
राहुल गांधी का X पर हमला
राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि “शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है… मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है… सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है। डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ हैं।” उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह डील किसानों, टेक्सटाइल उद्योग और डेटा सुरक्षा के हितों के खिलाफ है।
AI समिट में क्या हुआ था?
सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन स्थल के हॉल नंबर 5 में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने कमीज उतारकर और सरकार व भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लिखी टी-शर्ट प्रदर्शित कर विरोध जताया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बाहर कर दिया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से क्यूआर कोड हासिल किया था। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य और एंट्री रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
बीजेपी vs कांग्रेस: आरोप-प्रत्यारोप तेज
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को “वैश्विक मंच पर भारत की छवि को धूमिल करने वाला कृत्य” बताया है। वहीं भारतीय युवा कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से किया गया था। जांच एजेंसियां कथित साजिश, समन्वय और टी-शर्ट छपवाने में हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “यह देखा जा रहा है कि क्या यह सुनियोजित प्रयास था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।”
राजनीतिक मायने
एआई समिट जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुए विरोध-प्रदर्शन और उसके बाद हुई गिरफ्तारी ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा बना रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे सुरक्षा और छवि से जोड़कर देख रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क दोनों जगह गरमा सकता है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
