रायपुर में बेखौफ हुए बदमाश: 24 घंटे में मिलीं तीन लाशें, 2 की बेरहमी से हत्या... सवालों के घेरे में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम

रायपुर में बेखौफ हुए बदमाश: 24 घंटे में मिलीं तीन लाशें, 2 की बेरहमी से हत्या... सवालों के घेरे में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम

रायपुर। राजधानी रायपुर में इन दिनों अपराध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे के भीतर शहर के तीन अलग-अलग हिस्सों में तीन लाशें मिलने से पूरी राजधानी में सनसनी फैल गई है। इनमें से दो मामलों में साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई गई है। एक मामले में जहां युवक का चेहरा पत्थर से कुचला गया, वहीं दूसरे मामले में शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बावजूद हत्या और चाकूबाजी जैसी वारदातें कम होने के बजाय लगातार सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में खौफ का माहौल है और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

एक दिन में तीन लाशें, दहल गई राजधानी

पहली घटना डब्ल्यूआरएस कॉलोनी इलाके की है। यहां सोमवार सुबह रेलवे पटरी के किनारे एक युवक की खून से सनी लाश मिली। मृतक की पहचान शहीद नगर में रहने वाले रूपेश भारती के रूप में हुई। आरोपियों ने बड़ी बेरहमी से पत्थर से वार कर उसका चेहरा कुचल दिया था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले उसका किसी से विवाद हुआ था। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर कुछ संदेहियों को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है।

दूसरी वारदात खमतराई के मेटल पार्क इलाके में सामने आई, जहां एक अधजली लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस को शक है कि हत्या कहीं और की गई और बाद में पहचान छिपाने के लिए शव को जलाकर यहां लाकर फेंक दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

Read More वेगस अस्पताल: इलाज में लापरवाही से मरीज की जान गई, जांच रिपोर्ट के बाद संचालक और डॉक्टरों पर एफआईआर

तीसरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है। यहां भाठागांव चौक के पास सड़क किनारे डिवाइडर के बीच एक शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान दुर्ग के रहने वाले डोमन लाल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण स्पष्ट हो पाएगा।

Read More बिलासपुर आबकारी दफ्तर: बाबू ने मातहतों को बनाया वसूली एजेंट परेशान कर्मचारियों ने पीएमओ को भेजी शिकायत कहा हम छोटी कर्मचारी हमे बचा लो...

चाकूबाजी और हत्याएं जारी, दावों की खुल रही पोल

राजधानी में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया था। इसे लागू हुए 151 दिन बीत चुके हैं। इस नई व्यवस्था से उम्मीद थी कि अपराध पर लगाम लगेगी, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कह रहे हैं।

रायपुर के 33 थानों में हर साल लगभग 15,836 आपराधिक मामले दर्ज होते हैं। नए सिस्टम के शुरुआती 100 दिनों के भीतर ही शहर में चाकूबाजी की 46 वारदातें दर्ज की गईं, जिनमें 103 आरोपी पकड़े गए। पिछले साल इसी अवधि में 61 घटनाएं हुई थीं। वहीं अब 150 दिनों का रिकॉर्ड देखें तो चाकूबाजी के मामले बढ़कर करीब 70 हो गए हैं और हत्या के 16 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।

हालांकि पुलिस का दावा है कि शहर और आउटर की कॉलोनियों में सरप्राइज चेकिंग चल रही है और वारंटी व गुंडा-बदमाशों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके बावजूद शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जिस तरह से चाकूबाजी और हत्या की घटनाएं थम नहीं रही हैं, उससे सुरक्षा के तमाम दावों पर सवालिया निशान लग गया है।

Error on ReusableComponentWidget
Tags:

Latest News

CBI का फर्जी अफसर, 5,436 बैंक अकाउंट और ₹10.74 करोड़! ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का बड़ा खुलासा CBI का फर्जी अफसर, 5,436 बैंक अकाउंट और ₹10.74 करोड़! ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का बड़ा खुलासा
एअर इंडिया का बड़ा फैसला: सभी पायलटों का होगा अनिवार्य डोप टेस्ट, सुरक्षा को लेकर सख्ती
अरपा नदी में डूबा 14 वर्षीय किशोर, दो घंटे के रेस्क्यू के बाद मिला शव
नांदेड़ में सुखबीर बादल पर हमले से मचा हड़कंप, कृपाण से वार की कोशिश; PSO ने संभाला मोर्चा
जेल में श्रवण की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पुलिस जांच पर सवाल
रतनपुर थाने में DGP का एक्शन, पुलिसिंग का लिया जायजा, तकनीक से जवाबदेही तक व्यवस्था सुधारने पर जोर
‘पहले हमारी सुनो, फिर हटेंगे’… एकलव्य स्कूल में बढ़ता विवाद! महीने में तीसरी बार छात्रों का प्रदर्शन, कोरबा-कटघोरा मार्ग ठप
सड़कों पर मवेशी, हादसों का डर… अब पशुओं को लेकर प्रशासन के दरवाजे पहुंचे ग्रामीण, अफसर रह गए हैरान!
बिलासपुर स्टेशन पर शुरू हुई बाइक रेंटल सेवा, यात्रियों का सफर होगा आसान
अंबिकापुर में किराए के मकान में चल रही थी महुआ शराब की भट्ठी, 480 किलो लाहन जब्त
रायपुर की कन्या शाला में बदहाली का आलम: जर्जर छत, टूटती दीवारें और जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर छात्राएं
ED की अटैच संपत्तियों पर हाईकोर्ट की दो टूक, पहले अपनानी होगी PMLA की प्रक्रिया