रतनपुर थाने में DGP का एक्शन, पुलिसिंग का लिया जायजा, तकनीक से जवाबदेही तक व्यवस्था सुधारने पर जोर

रतनपुर थाने में DGP का एक्शन, पुलिसिंग का लिया जायजा, तकनीक से जवाबदेही तक व्यवस्था सुधारने पर जोर

बिलासपुर : प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर और जवाबदेह बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को थाने गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई है । इसी के तहत बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने को गोद लेने के बाद पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम पहली बार रतनपुर पहुंचे । उन्होंने थाने का निरीक्षण कर पुलिसिंग व्यवस्था की जानकारी ली और अधिकारियों-कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए ।

डीजीपी ने सबसे पहले मां महामाया मंदिर में दर्शन किए । इसके बाद वे आईजी और एसएसपी के साथ रतनपुर थाना पहुंचे । यहां उन्होंने पौधरोपण किया और रिकॉर्ड रूम, मालखाना, रोज नामचा सहित अन्य रजिस्टरों की जांच की । थाना प्रभारी निलेश पांडेय से दर्ज अपराधों, लंबित मामलों और जांच की स्थिति की जानकारी भी ली ।

ई-एफआईआर और ई-साक्ष्य के इस्तेमाल पर जोर

डीजीपी ने पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए ई-एफआईआर, ई-साक्ष्य, ई-समन और ई-वारंट जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए । गंभीर मामलों में फोरेंसिक जांच के साथ घटनास्थल के फोटो और वीडियो सुरक्षित रखने को भी कहा । उन्होंने अधिकारियों से मामलों की गंभीरता से जांच कर लोगों को समय पर पुलिस सेवा उपलब्ध कराने पर जोर दिया ।

बीट व्यवस्था की जानकारी लेकर पुलिसकर्मियों को दिए निर्देश

डीजीपी ने थाना क्षेत्र की बीट व्यवस्था की भी समीक्षा की । उन्होंने बीट प्रभारियों से गांवों, सरपंचों और स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी ली । कुछ पुलिसकर्मियों के जवाब गलत होने पर उन्होंने उन्हें सही जानकारी बताते हुए अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी रखने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि बीट पुलिसिंग मजबूत होने से अपराध नियंत्रण और पुलिस का सूचना तंत्र बेहतर होता है । डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थाने गोद लेने की पहल को महत्वपूर्ण बताया । उन्होंने कहा कि इससे अधिकारी थानों की वास्तविक स्थिति और स्थानीय समस्याओं से सीधे जुड़े रहेंगे, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और पुलिसिंग व्यवस्था मजबूत होगी । 

नक्सलमुक्त राज्य को बताया सामूहिक उपलब्धि

बिलासपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा में डीजीपी ने प्रदेश के नक्सलमुक्त होने को सुरक्षा बलों, पुलिस जवानों, उनके परिवारों और बस्तर की जनता की सामूहिक उपलब्धि बताया । वहीं कमिश्नरेट सिस्टम के सवाल पर उन्होंने इसे सरकार का नीतिगत निर्णय बताया ।

स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए डीजीपी, बच्चों को किया सम्मानित

डीजीपी पुलिस लाइन स्थित चेतना भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में भी शामिल हुए । उन्होंने स्वयं स्वास्थ्य जांच कराई और पुलिसकर्मियों व उनके परिवारों से संवाद किया । उन्होंने प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करते हुए पुलिसकर्मियों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की अपील की । इस दौरान आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे ।

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