ED की अटैच संपत्तियों पर हाईकोर्ट की दो टूक, पहले अपनानी होगी PMLA की प्रक्रिया

ED की अटैच संपत्तियों पर हाईकोर्ट की दो टूक, पहले अपनानी होगी PMLA की प्रक्रिया

बिलासपुर। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में संपत्तियों की अटैचमेंट को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति साफ की है। मेसर्स मोक्षित कार्पोरेशन और अन्य पक्षों को तत्काल राहत नहीं मिली और उनकी ओर से दाखिल याचिकाएं अदालत ने खारिज कर दीं। मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का पक्ष था कि संबंधित संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई के खिलाफ न्यायिक हस्तक्षेप किया जाए। लेकिन हाईकोर्ट ने मामले की मेरिट में सीधे जाने के बजाय यह देखा कि क्या याचिकाकर्ताओं ने कानून में उपलब्ध निर्धारित उपाय का इस्तेमाल किया है।

हाईकोर्ट ने क्यों नहीं दी सीधी राहत?
अदालत ने अपने फैसले में PMLA के तहत उपलब्ध वैधानिक व्यवस्था को महत्वपूर्ण माना। कोर्ट के मुताबिक, संपत्ति अटैचमेंट से प्रभावित व्यक्ति के लिए कानून में अपनी आपत्ति दर्ज कराने और संबंधित प्राधिकरण के सामने मामला रखने का रास्ता मौजूद है। ऐसे में उस प्रक्रिया को अपनाए बिना सीधे हाईकोर्ट की संवैधानिक रिट अधिकारिता का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। यानी याचिकाकर्ताओं को पहले संबंधित वैधानिक मंच पर जाना होगा।

ED की कार्रवाई बनी विवाद का केंद्र
मामला उस कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान कुछ संपत्तियों को PMLA के तहत अटैच किया था। संपत्तियों से जुड़े पक्षों ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। अदालत ने हालांकि तत्काल हस्तक्षेप करने के बजाय संबंधित पक्षों को कानून में उपलब्ध प्रक्रिया का पालन करने की दिशा दिखाई।

Read More दस दिनों तक लगातार लिखते रहे गणेश, महाभारत पूरा हुआ तो किया शीतल जल से स्नान, अनंत चतुर्दशी से जुड़ी हैं कथा

अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट की ओर से याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद संबंधित पक्षों के लिए अगला रास्ता PMLA के तहत निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया अपनाना होगा। वहां वे अटैच संपत्तियों को लेकर अपने दावे, दस्तावेज और आपत्तियां पेश कर सकते हैं। इस फैसले का अहम पहलू यह है कि हाईकोर्ट ने संपत्तियों पर अंतिम फैसला देने के बजाय पहले वैधानिक प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है। यानी विवाद का अगला पड़ाव संबंधित सक्षम प्राधिकरण के समक्ष होगा।

Read More एक ही घर से मिले तीन शव, गंभीर हालत में आरोपी अस्पताल में भर्ती, ट्रिपल मर्डर से फैली सनसनी

फैसले का बड़ा कानूनी संदेश
अदालत के आदेश से यह संकेत मिलता है कि किसी विशेष कानून में यदि विवाद के समाधान के लिए प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था दी गई है, तो पक्षकारों को सामान्यतः पहले उसी व्यवस्था का इस्तेमाल करना चाहिए। PMLA से जुड़े संपत्ति अटैचमेंट विवाद में भी हाईकोर्ट ने इसी सिद्धांत को आधार बनाया है। इस तरह मोक्षित कार्पोरेशन और सहयोगियों की याचिकाएं खारिज होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी लड़ाई निर्धारित वैधानिक मंच पर जारी रह सकती है।

Tags:

Latest News

पहले कॉलेज में शिकायत, फिर कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया; प्रोफेसर पर छात्राओं के गंभीर आरोप पहले कॉलेज में शिकायत, फिर कलेक्टर का दरवाजा खटखटाया; प्रोफेसर पर छात्राओं के गंभीर आरोप
Bhupesh Baghel News: सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, चुनाव याचिका खारिज कराने की SLP खारिज; 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई
एक गंध, 500 मीटर का पीछा और फिर खुला राज… ‘बाघा’ ने पुलिस को पहुंचाया आरोपी के घर
खेत में मधुमक्खियों का कहर, बेटे को बचाकर खुद मौत से हार गई मां, 3 घंटे तक झेलती रही डंक
घर के बाहर धूप सेंक रहे थे तीन बुजुर्ग, अचानक भालू ने किया हमला, दंपती समेत तीन घायल
मजदूरी से पीएचडी तक का सफर, छात्रवृत्ति ने बदली डॉ. नरेश तिवारी की जिंदगी, अब संभाल रहे विश्वविद्यालय की कमान
पहले चले लाठी-डंडे, फिर निकला चाकू... गैंगवार के दौरान युवक की हत्या
आज रात रोशनी से जगमगाएगा रायपुर, गणेश झांकी पर 2 हजार जवानों का पहरा; शराब दुकानें रहेंगी बंद, जानें पूरा रूट-पार्किंग प्लान
छत्तीसगढ़ कोल घोटाला: 3 अक्टूबर को 35 आरोपियों पर EOW की फाइनल चार्जशीट, विधायक देवेंद्र यादव से भी पूछताछ
छत्तीसगढ़ में बारिश से फसलें प्रभावित, CM साय का किसानों को भरोसा- सर्वे के बाद मिलेगा मुआवजा
नर्स से अवैध संबंध, पत्नी से मारपीट और तलाक की धमकी… हाई कोर्ट ने डॉक्टर पति को माना आत्महत्या के लिए दोषी
Bank Strike Postponed: तीन दिन बंद रहने वाले थे बैंक, IBA-UFBU की सहमति से टली राष्ट्रव्यापी हड़ताल