एअर इंडिया का बड़ा फैसला: सभी पायलटों का होगा अनिवार्य डोप टेस्ट, सुरक्षा को लेकर सख्ती
नई दिल्ली। विमान संचालन में सुरक्षा को लेकर एअर इंडिया ने अपने पायलटों के लिए नई सख्ती लागू की है। फुकेत-दिल्ली उड़ान के एक पायलट के डोप टेस्ट में मारिजुआना के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद एयरलाइन ने अपने पूरे पायलट ग्रुप की अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग कराने का फैसला लिया है। एयरलाइन के मुताबिक यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से लागू की गई है। कंपनी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा के स्तर को और मजबूत करना है।
सभी पायलट जांच के दायरे में
एअर इंडिया ने कर्मचारियों को भेजे आधिकारिक संचार में बताया कि ग्रुप के सभी पायलटों को डोप टेस्ट से गुजरना होगा। जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई पायलट प्रतिबंधित दवाओं या नशीले पदार्थों के प्रभाव में तो नहीं है। कंपनी ने कहा कि वह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्धारित सुरक्षा और नियामकीय मानकों का पालन करती है। इसके बावजूद एयरलाइन ने पायलटों की अतिरिक्त जांच को सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम माना है।
गुरुग्राम से लेकर फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर तक होगी जांच
एयरलाइन ने बताया कि डोप टेस्ट के लिए एक से अधिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। पायलटों की जांच गुरुग्राम स्थित अकादमी, उड़ान के बाद के फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर और कंपनी के संबंधित कार्यालयों में की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य पायलटों की स्क्रीनिंग को नियमित संचालन के बीच प्रभावी तरीके से लागू करना है।
एक टेस्ट के बाद बढ़ी सतर्कता
फुकेत से दिल्ली आने वाली उड़ान से जुड़े पायलट के ड्रग टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि होने के बाद यह मामला सामने आया है। इसके बाद एयर इंडिया ने पूरे पायलट ग्रुप की जांच कराने का निर्णय लिया। एयरलाइन के लिए यह कदम इसलिए भी अहम है, क्योंकि पायलट की फिटनेस सीधे उड़ान संचालन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी होती है। किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का इस्तेमाल उड़ान के दौरान गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
‘सुरक्षा और भरोसा सबसे अहम’
एअर इंडिया ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि यात्रियों और आम लोगों का भरोसा बनाए रखना कंपनी की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। एयरलाइन का कहना है कि सुरक्षा और पेशेवर मानकों को मजबूत करने के लिए नियामकीय आवश्यकताओं से आगे जाकर भी कदम उठाए जा सकते हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र में लंबे समय से उसके पायलटों और कर्मचारियों की पेशेवर क्षमता तथा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण रही है।
विमानन सुरक्षा पर फोकस बढ़ा
एअर इंडिया का यह फैसला ऐसे समय आया है जब विमानन क्षेत्र में क्रू की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है। सभी पायलटों की अनिवार्य स्क्रीनिंग के जरिए एयरलाइन यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उड़ान संचालन से जुड़े कर्मचारियों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। अब इस नई व्यवस्था के तहत एअर इंडिया ग्रुप के पायलटों की डोप स्क्रीनिंग किस तरह और कितने चरणों में पूरी की जाती है, इस पर भी नजर रहेगी।
