नागपुर रेप केस में बड़ा खुलासा: आरोपी के घर से 8 चाकू, चॉपर, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक बरामद
नागपुर/मुंबई। नागपुर में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित यौन हिंसा और बंधक बनाए जाने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को कई अहम सुराग मिल रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में आरोपी के घर पर छापेमारी कर धारदार हथियार, लैपटॉप और बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक समेत कई सामान बरामद किए हैं। पुलिस अब जब्त किए गए सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी में है। इसके साथ ही आरोपी और पीड़िता के बीच हुई डिजिटल बातचीत की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
ठाणे स्थित घर पर पुलिस की छापेमारी
हुडकेश्वर पुलिस थाने की एक टीम ने शुक्रवार को ठाणे जिले में 19 वर्षीय आरोपी निर्मय माधव पाखरे के आवास पर तलाशी ली। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तलाशी के दौरान घर से आठ चाकू, एक चॉपर और अन्य धारदार हथियार, एक लैपटॉप तथा बड़ी मात्रा में गर्भनिरोधक बरामद किए गए। पुलिस इन सभी वस्तुओं को जांच का हिस्सा मानकर आगे की पड़ताल कर रही है। बरामद सामग्री को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका कथित अपराध से कोई संबंध है या नहीं।
30 घंटे से ज्यादा बंधक बनाए रखने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग लड़की को नागपुर के दिघोरी इलाके में स्थित एक किराए के कमरे में 30 घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान लड़की के साथ यौन हिंसा की गई और उसे गंभीर रूप से घायल किया गया। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के हाथ-पैर बांधे गए थे और धारदार हथियार से भी हमला किया गया। 3 अगस्त की रात पुलिस ने कथित तौर पर कमरे का दरवाजा तोड़कर नाबालिग को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
आरोपी की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
मामले में गिरफ्तार आरोपी को अदालत के आदेश के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, नियमित मेडिकल जांच के दौरान आरोपी ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Instagram से शुरू हुई थी पहचान
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और नाबालिग की पहचान कथित तौर पर Instagram के जरिए हुई थी। जांच टीम ने पीड़िता का मोबाइल फोन अनलॉक कर लिया है। अब पुलिस दोनों के बीच हुई चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा को खंगाल रही है। जांचकर्ताओं का मकसद यह पता लगाना है कि दोनों के बीच संपर्क कब और कैसे शुरू हुआ, घटनाक्रम से पहले क्या बातचीत हुई और वारदात से जुड़े अन्य संभावित डिजिटल सबूत क्या हैं।
फोरेंसिक जांच से खुलेगा बरामद सामान का राज
ठाणे स्थित आरोपी के घर से बरामद हथियार और अन्य सामान अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद वस्तुओं का नागपुर की घटना से कोई सीधा संबंध है या नहीं। फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण और POCSO Act समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए मामले की जांच बाल यौन अपराधों से जुड़े कानून के प्रावधानों के तहत की जा रही है। फिलहाल, पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध सबूतों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ी तैयार करने में जुटी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपी के घर से बरामद सामान और नागपुर की घटना के बीच क्या सीधा संबंध है।
