- Hindi News
- अपराध
- गरियाबंद के देवभोग में मर्यादा तार-तार आधी रात अश्लील डांस पर नोट लुटाते कैमरे में कैद हुए एसडीएम सा...
गरियाबंद के देवभोग में मर्यादा तार-तार आधी रात अश्लील डांस पर नोट लुटाते कैमरे में कैद हुए एसडीएम साहब कार्यवाही कब....
गरियाबंद। जिले के देवभोग इलाके में मनोरंजन के नाम पर नंगा नाच परोसा गया और कानून के रखवाले ही उस पर तालियां पीटते रहे। ओपेरा के नाम पर बुलाई गई नर्तकियों ने रात भर अश्लीलता की सारी हदें पार कर दीं। हद तो तब हो गई जब इस पूरे तमाशे का वीडियो वायरल हुआ जिसमें मैनपुर एसडीएम तुलसीदास मरकाम खुद डांसरों पर नोट लुटाते और मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने दो सिपाहियों को तो सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया और चार आयोजकों को जेल भेज दिया लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या कानून सिर्फ छोटों के लिए है क्योंकि असली मजे लेने वाले साहब पर अब तक प्रशासन मेहरबान है।

साहब ने ही दी थी अनुमति और खुद ही बन गए अश्लील डांस के गवाह
हैरानी की बात यह है कि जिस ओपेरा कार्यक्रम में यह सब हुआ उसकी अनुमति खुद एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने ही दी थी। रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक स्टेज पर अर्धनग्न हालत में डांसर थिरकती रहीं और बेकाबू भीड़ के बीच बैठे रसूखदार नोटों की बारिश करते रहे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एसडीएम साहब खुद अपनी कुर्सी छोड़कर मंच के पास पहुंच गए और कलाकारों पर पैसे लुटाने लगे। जिस अधिकारी पर इलाके में शांति और मर्यादा बनाए रखने का जिम्मा है वह खुद कानून की धज्जियां उड़ते देख आनंद ले रहे थे।
पुलिसवालों पर गिरी गाज पर साहब की कुर्सी अब भी सलामत
10 जनवरी को जब इस शर्मनाक करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर फैला तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि वीडियो के आधार पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले दो पुलिसकर्मियों को तुरंत लाइन अटैच कर दिया गया है। वहीं आयोजन कराने वाले देवेंद्र राजपूत गोविंद देवांगन नरेंद्र साहू और हसन डाडा के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने एक दिन पहले ही पंडाल उखाड़कर कार्यक्रम बंद करा दिया लेकिन जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ एसडीएम की मौजूदगी में हुआ तो कार्रवाई की आंच उन तक क्यों नहीं पहुंची।
कलेक्टर की चुप्पी पर उठे सवाल दोहरा मापदंड देख लोगों में भारी गुस्सा
इस पूरे कांड के बाद गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह ने अब तक चुप्पी साधे रखी है जिससे जिला प्रशासन की साख पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नाचने वालों और आयोजन कराने वालों पर केस हो सकता है तो नोट लुटाने वाले अधिकारी को क्यों बचाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग तंज कस रहे हैं कि साहब को कानून की रक्षा करने के बजाय डांस में ज्यादा दिलचस्पी है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
