540 करोड़ का कोल घोटाला: फरार कांग्रेस नेता रामगोपाल तक पहुंचने की कोशिश, ईओडब्ल्यू ने बेटे वैभव से आधी रात तक की पूछताछ
रायपुर। राज्य के 540 करोड़ रुपए के चर्चित कोयला घोटाले की आंच अब फरार चल रहे प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के परिवार तक पहुंच रही है। इसी कड़ी में ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को रामगोपाल के बेटे वैभव अग्रवाल को पूछताछ के लिए तलब किया। वैभव दोपहर के समय एसीबी-ईओडब्ल्यू मुख्यालय पहुंचे। दोपहर से ही जांच अधिकारियों ने वैभव से घोटाले को लेकर सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू कर दिया। पूछताछ की यह प्रक्रिया रात करीब 12 बजे तक चलती रही।
बता दें कि इसी कोयला घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू पिछले ढाई वर्षों से कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कर रही है। रामगोपाल कोर्ट की किसी भी पेशी में उपस्थित नहीं हुए हैं, जिसके कारण कोर्ट उन्हें वांटेड घोषित कर चुका है। अब ईओडब्ल्यू रामगोपाल की गिरफ्तारी के प्रयासों के तहत ही उनके बेटे वैभव अग्रवाल से पूछताछ कर रही है, ताकि फरार नेता का कोई सुराग मिल सके।
आरोपी की डायरी में नाम होने की चर्चा
एजेंसी की जांच प्रक्रिया के दौरान वैभव का नाम भी सामने आया था। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले के एक आरोपी के घर से एक डायरी जब्त की गई थी। इस डायरी में वैभव का नाम दर्ज होने की चर्चा लगातार चल रही है। हालांकि, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी जानकारी की पुष्टि और अन्य कड़ियों को मिलाने के लिए ईओडब्ल्यू उनसे पूछताछ कर रही है। इससे पहले भी एजेंसी वैभव को बुलाकर पूछताछ कर चुकी है। यह भी बताया जाता है कि वैभव के संबंध केवल कांग्रेस नेताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भाजपा नेताओं के साथ भी उनके संबंध बताए जाते हैं।
फंड के लेनदेन में नाम, पिछली सरकार से ही फरार
कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की तलाश कोई नई बात नहीं है, यह पिछली सरकार के समय से ही की जा रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अलग-अलग मामलों में रामगोपाल के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, रामगोपाल पार्टी के कोषाध्यक्ष थे, इसलिए पार्टी फंड का सारा लेनदेन उनके ही माध्यम से होता था। कोल, शराब और डीएमएफ समेत कई अन्य मामलों में गिरफ्तार हुए आरोपियों ने भी अपने बयानों में यही कहा है। उन्होंने बताया है कि पार्टी फंड के नाम पर रकम रामगोपाल अग्रवाल को ही दी जाती थी। आरोपियों के इन्हीं बयानों के आधार पर एजेंसियां उन्हें खोज रही हैं।
विदेश जाने की आशंका
पिछली सरकार के कार्यकाल में ही रामगोपाल अग्रवाल अंडरग्राउंड हो गए थे। इसके बाद सरकार बदलते ही वे राज्य से फरार हो गए। इस मामले के जानकारों का दावा है कि रामगोपाल अब देश में भी मौजूद नहीं हैं और विदेश जा चुके हैं। हालांकि, इस बात की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जाता है कि पिछले तीन वर्षों से अधिक समय बीत चुका है और उन्हें किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या मंच पर नहीं देखा गया है। अब ईओडब्ल्यू की टीम वैभव अग्रवाल से पूछताछ करके इस पूरे मामले की परतें खोलने का प्रयास कर रही है।
