मां बनने के ख्वाब के चक्कर में हुई धोखाधड़ी की शिकार पढ़े पूरी खबर...
Bemetara/ आपने पैसों की ठगी के बहुत से किस्से तो बहुत सुने होंगे, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे ठगी के बारे में बताएँगे जो सिर्फ पैसों की नहीं है ये ठगी है एक औरत की ममता की, उसकी उम्मीद की, उसके माँ बनने के सपने की। सोचिए एक औरत जो सालों से माँ बनने का सपना देख रही हो, लेकिन माँ नहीं बन पा रही हो, ऐसे में जब उसे कोई ये कहे कि “मैं तुम्हें संतान दे सकती हूँ”, तो वो क्या नहीं करेगी? वो अपनी खुशियों की आखिरी कमाई भी दांव पर लगा देगी ऐसे ही एक मामले के बारे में हम आपको आज बताने जा रहे है देखिये इस खबर में
दरअसल बेमेतरा के बेरला में रहने वाली रेणुका कुर्रे नाम की एक महिला ने खुद को न जाने क्या समझ लिया। उसने न जाने ऐसा कौन सा इलाज
ढूंढ निकाला, जिससे वो औरतों को माँ बनाने का दावा करती थी। रेणुका कुर्रे गांव की उन ऐसी महिलाओं को अपना शिकार बनाती, जिनके घर में शादी के बाद अब तक नन्हे-मुन्ने बच्चो की किलकारी अब तक नहीं गुंजी थी। वो उनसे ये कहती कि, वो उन्हें गर्भवती कर देगी। और औरतें..? वो तो ममता की मारी थीं उन्हें बस बच्चा चाहिए था, इसलिए वो उसके पास चली गई
छह महीने तक ये ड्रामा चलता रहा। रेणुका कभी पति को बुलाती, कभी पत्नी को, कभी अकेले, कभी साथ में इलाज के नाम पर अजीब-ओ-गरीब प्रक्रिया चलाती रही और साथ में चलती रही मोटी रकम वसूलने की स्कीम भी। वो किसी से पचास हज़ार, तो किसी से एक लाख रूपए लेती रही और जब कोई महिला सवाल करती, तो जवाब मिलता – धीरज रखो, फल मिलेगा
लेकिन छह महीने बीत गए, ना कोई फल मिला, ना कोई संतान, मिला तो बस धोखा और फिर जब बात खुली, तो 10-15 औरतें एक साथ थाने पहुंचीं। मगर वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई । तब उन्होंने कलेक्ट्रेट में जाकर उनके साथ हुए ठगी को लेकर कलेक्टर साहब से गुहार लगाई है
यह मामला केवल ठगी का नहीं है, यह उन महिलाओं की उम्मीदों और भावनाओं से खिलवाड़ का मामला है, जो मां बनने के ख्वाब लेकर इस धोखाधड़ी का शिकार हुईं।
अब सवाल उठता है कि क्या बिना किसी मेडिकल डिग्री या योग्यता के कोई व्यक्ति इस तरह इलाज का दावा कर सकता है? और अगर नहीं, तो आखिर प्रशासन ने इतने महीनों तक आंखें क्यों मूंदी रखीं?
