मुंबई ‘लोन वुल्फ’ साजिश का सनसनीखेज खुलासा: गार्डों पर हमले के पीछे बड़ी प्लानिंग, नक्शे-नोट्स और कट्टरपंथी कनेक्शन ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
ठाणे। महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गार्डों पर हमले के आरोपी की जांच में संभावित “लोन वुल्फ” साजिश के संकेत मिले हैं। आरोपी जैब जुबैर अंसारी को मीरारोड इलाके में चाकू से हमले के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। अब जांच में सामने आया है कि वह शहर के संवेदनशील इलाकों के नक्शों का अध्ययन कर रहा था, जिससे उसकी मंशा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कट्टरपंथी ऑनलाइन कंटेंट से प्रभावित था और अकेले हमले (लोन वुल्फ अटैक) की रणनीतियों के बारे में जानकारी जुटा रहा था। सूत्रों के अनुसार, उसके पास से मिले दस्तावेजों और डिजिटल डिवाइस में ऐसे संकेत मिले हैं जो दर्शाते हैं कि वह किसी बड़े हमले की तैयारी के लिए खुद को मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार कर रहा था।
जांच एजेंसियों को आरोपी के घर से हस्तलिखित नोट्स, लैपटॉप और अन्य सामग्री मिली है, जिनमें आतंकी संगठन Islamic State से जुड़ी विचारधारा का उल्लेख है। इन नोट्स में उसने कथित तौर पर खुद को इस विचारधारा से जोड़ने और भविष्य में बड़े कदम उठाने की मंशा जताई थी। अधिकारियों को शक है कि गार्डों पर हमला महज एक परीक्षण हो सकता है, जिससे वह सुरक्षा व्यवस्था की प्रतिक्रिया क्षमता आंकना चाहता था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और एजेंसियां इसे “सेल्फ रेडिकलाइजेशन” का केस मान रही हैं। एंटी टेररिज्म स्क्वाड और अन्य केंद्रीय एजेंसियां आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स, संपर्कों और गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री के प्रभाव से अकेले व्यक्ति भी गंभीर सुरक्षा खतरा बन सकते हैं, जिससे निपटने के लिए सतर्कता और तकनीकी निगरानी दोनों जरूरी हैं।
