Bengal Election 2026: IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती पर सुप्रीम कोर्ट में PIL, निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठे सवाल

Bengal Election 2026: IPS अजय पाल शर्मा की तैनाती पर सुप्रीम कोर्ट में PIL, निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठे सवाल

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक नया कानूनी विवाद सामने आया है, जिसमें Ajay Pal Sharma की चुनावी ड्यूटी को लेकर Supreme Court of India का दरवाजा खटखटाया गया है। दक्षिण 24 परगना में पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात इस वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के खिलाफ जनहित याचिका (PIL) दायर कर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि उनकी मौजूदगी चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजय पाल शर्मा एक तटस्थ अधिकारी के रूप में अपनी भूमिका निभाने में विफल रहे हैं। इसमें कहा गया है कि उनके व्यवहार और कार्यशैली से मतदाताओं के बीच भय का माहौल बन सकता है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के सिद्धांत के खिलाफ है। साथ ही, उनके ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में चर्चित अतीत का हवाला देते हुए चुनावी माहौल पर संभावित प्रभाव की बात भी उठाई गई है।

यह विवाद उस समय और गहरा गया जब दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र से एक वीडियो सामने आया, जिसमें अधिकारी को एक राजनीतिक परिवार को कड़ी चेतावनी देते हुए देखा गया। इस घटना को TMC ने राजनीतिक दबाव और डराने-धमकाने की कार्रवाई बताया है। वहीं, विपक्षी नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

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याचिकाकर्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 का हवाला देते हुए अदालत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इसमें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी स्थिति में संबंधित अधिकारी को हटाया जाना आवश्यक है। याचिका में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर को पूरी तरह निष्पक्ष रहना चाहिए।

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फिलहाल, Election Commission of India ने अजय पाल शर्मा की तैनाती का बचाव करते हुए इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया है। अब इस पूरे मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगा। चुनाव के अहम चरण से पहले यह विवाद राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तर पर बड़ा असर डाल सकता है।

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