सिंचाई विभाग में बड़ा खेल: 54 हजार की रिश्वत में जेल की हवा खा चुके मक्सी कुजूर को ENC बनाने ताबूत में विभाग ने ठोकी एक और कील
रायपुर: छत्तीसगढ़ के जल संसाधन (सिंचाई) विभाग में इन दिनों मलाईदार पोस्टिंग और पर्दे के पीछे का एक बड़ा खेल चल रहा है। 30 अप्रैल 2026 को जारी एक नए विभागीय आदेश ने मंत्रालय से लेकर विभाग के गलियारों तक नई चर्चा छेड़ दी है। माना जा रहा है कि इस आदेश के जरिए विवादित छवि वाले चीफ इंजीनियर (CE) मक्सी कुजूर को विभाग का बॉस यानी प्रमुख अभियंता (ENC) बनाने के ताबूत में एक और कील ठोंक दी गई है।
क्या है नया आदेश?
प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा जारी आदेश (क्रमांक 3317003/छ.ग./2023/3708) के मुताबिक, महानदी गोदावरी कछार के मुख्य अभियंता सतीश कुमार टीकम 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हो गए हैं। उनके रिटायरमेंट के बाद इस अहम पद का अतिरिक्त प्रभार महानदी परियोजना के मौजूदा मुख्य अभियंता श्री मक्सी कुजूर को सौंप दिया गया है। कागजों में भले ही इसे आंतरिक और वैकल्पिक व्यवस्था बताकर आगामी आदेश तक के लिए जारी किया गया हो, लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो यह मक्सी कुजूर को ENC की कुर्सी तक पहुंचाने की एक सोची समझी बिसात है।
ACB का ट्रैप, 54 हजार की रिश्वत और 18 महीने का सस्पेंशन
मक्सी कुजूर को सिंचाई विभाग की कमान सौंपे जाने की सुगबुगाहट इसलिए भी हैरान करने वाली है क्योंकि उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरा रहा है। यह वही मक्सी कुजूर हैं, जिन्हें दिसंबर 2014 में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भिलाई में 54,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
उस समय वे राजनांदगांव के छुईखदान में एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) थे और आरोप था कि उन्होंने ठेकेदार के रनिंग बिल पास करने के एवज में 4.75% कमीशन मांगा था। इस क्लासिक ट्रैप केस के बाद कुजूर 18 महीने तक निलंबित रहे और उन्हें जेल भी जाना पड़ा। 26 जून 2018 को स्पेशल कोर्ट (ACB) ने उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए 5 साल सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालांकि, 9 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अगस्त 2023 में हाई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा रिश्वत की स्पष्ट मांग साबित न कर पाने और कुछ तकनीकी खामियों के चलते उन्हें बरी कर दिया था।
रमन सरकार में जेल, विष्णुदेव सरकार में ENC की दावेदारी?
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि पूर्ववर्ती डॉ. रमन सिंह की भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिस अधिकारी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज हुआ और जिसे जेल की हवा खानी पड़ी, आज उसी भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार में उसे ENC बनाने की क्या जरूरत आन पड़ी है? सुशासन और जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार में एक ऐसे अफसर की ताजपोशी की तैयारी कई सवाल खड़े कर रही है।
सत्ता के करीबी और सचिव के OSD मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि मक्सी कुजूर की इस रॉकेट स्पीड वापसी के पीछे विभाग के कुछ कद्दावर चेहरों का हाथ है। सूत्रों के मुताबिक, मक्सी विभाग के एक पूर्व रसूखदार ENC के बेहद करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा, उनकी मौजूदा प्रशासनिक पकड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे वर्तमान में सिंचाई विभाग के सचिव राजेश टोप्पो के OSD (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी) के रूप में भी पदस्थ हैं।
जाहिर है, सचिव के OSD होने और पूर्व अधिकारियों का वरदहस्त होने के कारण मक्सी कुजूर के लिए रास्ते से सारे कांटे हटाए जा रहे हैं। सतीश कुमार टीकम के रिटायरमेंट के बहाने उन्हें महानदी गोदावरी कछार जैसी अहम जिम्मेदारी देना इसी प्री प्लान्ड स्क्रिप्ट का हिस्सा माना जा रहा है।
