NJV EXCLUSIVE | छत्तीसगढ़ में ईडी की सबसे बड़ी स्ट्राइक 17 किलो सोने की चमक के बीच याद आया पुराना दर्द भारतमाला घोटाले में सस्पेंड पटवारी की वो सुसाइड फाइल फिर चर्चा में
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही की नींद पूरी तरह से उड़ा दी है। भारतमाला सड़क परियोजना और आबकारी घोटाले की यह आंच केवल सत्ता के गलियारों और अरबपतियों की तिजोरियों तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब इसके पुराने और खौफनाक पन्ने भी फिर से पलटे जा रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के छह प्रमुख शहरों रायपुर बिलासपुर कोरबा दुर्ग भिलाई और अंबिकापुर में चल रही छापेमारी में 17 किलो सोना और 3 करोड़ रुपये के बेशकीमती हीरे बरामद हुए हैं वहीं इस बड़ी कार्रवाई ने बिलासपुर में भारतमाला घोटाले के भारी दबाव में कुछ समय पहले हुई एक पटवारी की सुसाइड की दर्दनाक यादें भी ताजा कर दी हैं।
बिलासपुर में खौफनाक मौत का वो पुराना सच

ईडी की इस धमक के बीच बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम जोकी की वो पुरानी और दर्दनाक घटना फिर से चर्चा का विषय बन गई है। याद दिला दें कि भारतमाला प्रोजेक्ट में करोड़ों के मुआवजा वितरण में हुई भारी धांधली के आरोप में निलंबित चल रहे पटवारी सुरेश कुमार मिश्रा ने अपनी बहन के फार्म हाउस में फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह था कि मृतक पटवारी के रिटायरमेंट में महज 3 दिन ही बचे थे। उस वक्त पुलिस को घटनास्थल से अहम सुसाइड नोट भी मिले थे जिसमें मृतक ने साफ तौर पर खुद को बेकसूर बताते हुए एक वरिष्ठ राजस्व अधिकारी एक स्थानीय कोटवार और एक अन्य रसूखदार व्यक्ति पर झूठे केस में फंसाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया था। आज जब ईडी बड़े अफसरों पर शिकंजा कस रही है तो यह पुरानी घटना चीख चीख कर साबित करती है कि बड़े अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए निचले स्तर के कर्मचारियों को मोहरा बनाया था।
एक ही शहर में कुबेर का खजाना और पुराना मातम

बिलासपुर शहर आज व्यवस्था की एक अलग ही तस्वीर का गवाह बन रहा है। राजस्व विभाग का वह छोटा कर्मचारी न्याय की गुहार लगाते हुए पहले फांसी के फंदे पर झूल गया था और आज उसी शहर में आबकारी घोटाले के मुख्य आरोपी विकास अग्रवाल उर्फ सिब्बू के भाई विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर कुबेर का भारी खजाना मिला है। सराफा कारोबारी विवेक के घर से ईडी की टीम को 17 किलो शुद्ध सोना 3 करोड़ के हीरों के भव्य हार और भारी मात्रा में नगद रकम मिली है। विकास अग्रवाल जो शराब कारोबारी अनवर ढेबर का सबसे खास माना जाता है पिछले चार साल से फरार है और वह दुबई में बैठकर अपना काला कारोबार चला रहा है।
भाजपा और कांग्रेस के रसूखदारों पर कसी नकेल
दुर्ग के महेश कॉलोनी निवासी अमर इंफ्रा ग्रुप के डायरेक्टर चतुर्भुज राठी और भिलाई निवासी कारोबारी गोविंद मंडल के ठिकानों पर भी ईडी ने सघन छानबीन की है। राठी दोनों ही सरकारों के कार्यकाल में बड़े रसूखदार ठेकेदार रहे हैं। उनके ठिकानों से जब्त तमाम हार्ड डिस्क और बेनामी संपत्तियों के कच्चे चिट्ठों की आज सघन डिकोडिंग चल रही है। अंबिकापुर और रायपुर में भी कांग्रेस नेताओं और एक नामी चार्टर्ड अकाउंटेंट के घरों से करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं।
12 जिलों के पूर्व कलेक्टर्स की उड़ी नींदें
भारतमाला मुआवजा घोटाले की परतें खुलने और पुरानी सुसाइड के तार जुड़ने के बाद अब उन 12 जिलों के तत्कालीन कलेक्टर्स और वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों की नींदें पूरी तरह उड़ चुकी हैं जो उस समय तैनात थे। रायपुर धमतरी कांकेर कोंडागांव बस्तर बिलासपुर जांजगीर चांपा रायगढ़ जशपुर सरगुजा दुर्ग और राजनांदगांव के वे सभी बड़े अफसर अब जांच की जद में हैं। अब यह पूरा मामला केवल वित्तीय भ्रष्टाचार की जांच का नहीं रह गया है। भारतमाला घोटाले में ईडी की एंट्री ने उस पुरानी खौफनाक आत्महत्या की फाइल की धूल भी झाड़ दी है।
