बिलासपुर में पुलिसवालों ने किन्नरों की बेरहमी से की पिटाई: एसएसपी से की शिकायत
हिर्री टोल प्लाजा पर भीख मांग रही दो किन्नरों के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट का मामला गरमाया, समुदाय ने एसएसपी से की न्याय की मांग
बिलासपुर/ जिले के हिर्री थाना क्षेत्र से पुलिस और किन्नर समुदाय के बीच विवाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। किन्नरों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें रात में भीख मांगने से रोका गया और बेरहमी से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इस घटना को लेकर किन्नर समुदाय के प्रतिनिधियों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
किन्नर राजा खान, जो समुदाय की वरिष्ठ नायक मानी जाती हैं, ने बताया कि रज्जो और रूबी नाम की दो किन्नर पिछले 10 वर्षों से भोजपुरी टोल प्लाजा पर रुपए मांगकर जीवन यापन कर रही थीं। 23 मई की रात करीब 9 बजे, जब वे हमेशा की तरह टोल नाके पर थीं, तभी एक पेट्रोलिंग वाहन में सवार पुलिसकर्मी पहुंचे और उन्हें वहां से हटाने लगे। मना करने पर आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी से मारपीट की, जिससे दोनों किन्नरों को गंभीर चोटें आईं।
राजा खान ने बताया कि क्षेत्र में किन्नरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अलग-अलग इलाकों में समूह बांटे गए हैं। भोजपुरी टोल नाका इलाके की जिम्मेदारी नायक सरोजनी के ग्रुप की है। लेकिन हाल के दिनों में पुलिस का व्यवहार उनके प्रति हिंसात्मक और अपमानजनक होता जा रहा है।
किन्नर समुदाय के कई सदस्य एसएसपी रजनेश सिंह से मिलने पहुंचे, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में उन्होंने डीएसपी रोशन आहुजा को ज्ञापन सौंपा। किन्नरों ने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में उनके साथ ऐसा व्यवहार न हो।
इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। अधिकारियों ने बताया कि शहर के आउटर इलाकों, खासकर सिरगिट्टी से लेकर हिर्री टोल प्लाजा तक, रात में किन्नरों का जमावड़ा लग जाता है। पुलिस के अनुसार, ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं कि ये किन्नर राहगीरों और ट्रक चालकों को रोककर जबरन पैसे वसूलते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर हो रही इन गतिविधियों के चलते ही पेट्रोलिंग के दौरान किन्नरों को वहां से हटाया गया। मारपीट के आरोपों को उन्होंने निराधार बताया है।
