भेष बदलकर हो रही थी गांजे की तस्करी, दो आरोपी चढ़े आरपीएफ के हत्थे
बिलासपुर : दपूम रेलवे के बिलासपुर मंडल में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की कार्रवाई लगातार जारी है। ऑपरेशन ‘नारकोस’ के तहत आरपीएफ की टास्क टीम ने निगौरा रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए भेष बदलकर गांजे की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से कुल 15.540 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये बताई गई है।
संदिग्ध गतिविधियों से हुआ आरपीएफ को शक
जानकारी के अनुसार 24 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ की टास्क टीम निगौरा रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों और उनके सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध नजर आई। दोनों ने भेष बदल रखा था, जिससे आरपीएफ जवानों को संदेह हुआ। टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की और उनके पास रखी कपड़ों की पोटलियों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पोटलियों में बड़ी मात्रा में गांजा रखा मिला। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर गांजे को जब्त कर लिया गया।
दोनों आरोपियों के पास अलग-अलग मिला गांजा
पकड़े गए आरोपियों की पहचान हंसा नाथ (40) और मनता नाथ (39) के रूप में हुई है। बताए जा रहा हैं कि दोनों पंजाब के जिला संगरूर के रहने वाले हैं। जांच के दौरान हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम तथा मनता नाथ के कब्जे से 8.260 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। दोनों से बरामद गांजे का कुल वजन 15.540 किलोग्राम है।
आरपीएफ ने जैतहरी पुलिस को सौंपा
कार्रवाई के बाद आरपीएफ ने दोनों आरोपियों को बरामद गांजे सहित जैतहरी पुलिस थाना के सुपुर्द कर दिया। मामले में जैतहरी पुलिस ने अपराध क्रमांक 285/2026 दर्ज कर धारा 8/20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गांजा कहां से लेकर आए थे और इसे कहां पहुंचाने की तैयारी थी।
साल 2026 में अब तक लगभग 3 करोड़ का गांजा जब्त
नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए बिलासपुर मंडल आरपीएफ द्वारा वर्ष 2026 में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आरपीएफ के अनुसार अब तक की विभिन्न कार्रवाइयों में 550 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है। इसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध यात्रियों तथा सामान पर लगातार नजर रखी जा रही है। आरपीएफ की ओर से कहा गया है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
