तखतपुर के जंगल में खौफनाक हमला: युवक पर शेरनी ने किया हमला, मौके पर मौत; शावक के साथ इलाके में मौजूदगी से बढ़ी दहशत
तखतपुर। बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में जंगल से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। जुनापारा चौकी क्षेत्र के ग्राम बांधा के रहने वाले 25 वर्षीय युवक की कथित तौर पर वन्यजीव के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल है और ग्रामीणों को जंगल की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
जंगल में करिल और पीहरी लेने गया था युवक
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत बांधा निवासी धरम दास घृतलहरे (25) जोगीपुर जंगल के फॉरेस्ट बीट आरए-98 क्षेत्र में बांस से निकलने वाला करिल और पीहरी लेने गया था। इसी दौरान जंगल में अचानक उस पर वन्यजीव ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हमले में युवक की गर्दन पर गंभीर चोट आई, जिसके चलते उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद उसके शव को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
शावक के साथ वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना
घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी सामने आई है कि हमला करने वाला वन्यजीव अपने शावक के साथ घटनास्थल के आसपास मौजूद हो सकता है। इसी वजह से ग्रामीणों में डर और बढ़ गया है। प्रशासन और वन विभाग की ओर से लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने और अकेले जंगल क्षेत्र में प्रवेश न करने की सलाह दी जा रही है।
पुलिस और वन विभाग की टीम सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही जुनापारा पुलिस की टीम मौके की ओर रवाना हुई। वहीं वन विभाग की टीम भी क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। वन विभाग की टीम घटनास्थल और आसपास के इलाके में वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद आसपास के गांवों में सावधानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को जंगल की तरफ न जाने, अकेले आवाजाही से बचने और किसी भी वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। वन विभाग की जांच और मौके के निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले की परिस्थितियां क्या थीं और वन्यजीव की मौजूदगी किस क्षेत्र में है।
एक युवक की मौत के बाद बढ़ी चिंता, अब जंगल में निगरानी बढ़ाने की जरूरत
इस घटना ने जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए और संभावित खतरे को देखते हुए लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।
