लखनऊ अलीगंज अग्निकांड: 60 दिन बाद SIT की रिपोर्ट शासन को, अब तय होगी जिम्मेदारी; पीड़ित परिवारों को कार्रवाई का इंतजार
लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड को 60 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों का दर्द और उनके सवाल अब भी कायम हैं। इसी बीच मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। अब निगाह इस बात पर है कि रिपोर्ट में सामने आई जिम्मेदारियों के आधार पर सरकार कब और क्या कार्रवाई करती है। SIT ने अपनी रिपोर्ट में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिले स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का सुझाव भी दिया है।
15 मौतों ने पूरे सिस्टम पर खड़े किए थे सवाल
22 जून को अलीगंज की एक अवैध व्यावसायिक इमारत में लगी आग ने राजधानी को झकझोर दिया था। हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद भवन की वैधता, फायर सेफ्टी इंतजाम और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय SIT गठित कर पूरे घटनाक्रम की जांच और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए थे।
भवन मालिक से लेकर अधिकारियों तक, दर्ज किए गए बयान
जांच के दौरान SIT ने भवन स्वामी, संबंधित विभागों के अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों और हादसे में प्रभावित परिवारों के बयान दर्ज किए। SIT की रिपोर्ट तैयार होने से पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग ने भी अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट टीम को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में भवन निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं, अग्नि सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी और विभागीय स्तर पर लापरवाही के बिंदु सामने आए थे।
छह अधिकारी हो चुके हैं निलंबित
हादसे के बाद कार्रवाई का सिलसिला भी शुरू हुआ था। शुरुआत में चार अधिकारियों को निलंबित किया गया था, बाद में निलंबित अधिकारियों की संख्या बढ़कर छह हो गई। इनमें LDA, अग्निशमन और बिजली विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। अब SIT की रिपोर्ट के बाद इन अधिकारियों की जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई को लेकर शासन के फैसले का इंतजार है।
चार आरोपी जेल में, सुरेंद्र की तलाश जारी
मामले में पुलिस ने छह नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।हालांकि, भवन मालिक वीरेंद्र के भाई सुरेंद्र की तलाश अभी जारी है। पुलिस आयुक्त लखनऊ की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अवैध भवन को LDA ने कराया ध्वस्त
अग्निकांड के बाद भवन की वैधता और सुरक्षा मानकों को लेकर कार्रवाई करते हुए LDA ने भवन मालिक को नोटिस जारी किए थे। निर्धारित प्रक्रिया के बाद भवन को ध्वस्त कर दिया गया। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से अन्य ऐसे भवनों को भी चिन्हित करने की कवायद की जा रही है, जहां नियमों की अनदेखी या फायर सेफ्टी में कमी का खतरा हो सकता है।
रिपोर्ट आ गई, अब कार्रवाई का इंतजार
SIT की रिपोर्ट शासन तक पहुंचने के बाद जांच का एक अहम चरण पूरा हो गया है। लेकिन मृतकों के परिवारों के लिए असली सवाल अब यही है कि रिपोर्ट में तय जिम्मेदारी पर कार्रवाई कब होगी? परिजनों का कहना है कि जांच और रिपोर्ट से आगे बढ़कर अब दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनकी मांग है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर ऐसी कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों को स्पष्ट संदेश मिले। 60 दिन बाद SIT की रिपोर्ट ने तस्वीर का एक हिस्सा साफ कर दिया है, अब फैसले की बारी शासन की है।
