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GST छापे में हड़कंप: विक्की जैन परिवार की कोल वाशरी ने 10 करोड़ रु. किए सरेंडर, भारी कैश मिलने की खबर; जांच जारी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में तीन बड़े कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर राज्य जीएसटी टीम की छापेमारी ने हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार सुबह शुरू हुई, जो शनिवार को भी जारी रही। टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे के ससुराल विक्की जैन के परिवार से जुड़ी महावीर कोलवाशरी समेत फिल कोल और पारस कोल एंड बेनिफिकेशन के कुल 11 ठिकानों पर जीएसटी की टीम ने एक साथ दबिश दी।
करोड़ों की टैक्स चोरी का शक
राज्य जीएसटी कमिश्नर मुकेश बंसल के निर्देश पर रायपुर की टीम ने इन कारोबारियों के ऑफिस, घर, प्लांट और वाशरी पर वित्तीय लेनदेन और रिकॉर्ड की गहन जांच की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबी पूछताछ और जांच के बाद महावीर कोलवाशरी ने सरकारी खजाने में 10 करोड़ रुपये सरेंडर किए हैं। बताया जाता है कि यह राशि टैक्स चोरी के एवज में जमा कराई गई है।
एक कोल कारोबारी के यहां मिला भारी कैश
अन्य दो कारोबारियों के ठिकानों पर भी जांच लगातार जारी है। सूत्रों से बड़ी खबर आ रही है कि एक कोल व्यवसायी के यहां भारी मात्रा में नगदी मिली है, जिसकी गिनती अभी भी चल रही है। जांच की आंच दो दिनों से इन कारोबारियों के ठिकानों पर बनी हुई है।
कोयले की मिक्सिंग में हेराफेरी का खेल
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की हेराफेरी के पुख्ता संकेत मिले हैं। अधिकारियों को शक है कि कारोबारियों ने कोयले की मिक्सिंग और अन्य गतिविधियों में टैक्स बचाने के लिए करोड़ों का वित्तीय खेल किया।
ये तीनों बड़े कोयला व्यापारी लंबे समय से जीएसटी की सीधी निगरानी (डायरेक्ट मॉनिटरिंग) में थे। इनके आय और टैक्स भुगतान में बड़ा अंतर देखने के बाद ही रायपुर की टीम ने कार्रवाई शुरू की। यह भी सामने आया है कि एक कोल व्यवसायी के पास मिक्सिंग करने का लाइसेंस तक नहीं है, फिर भी वह लंबे समय से यह काम कर रहा था।
मात्रा की जांच में माइनिंग विभाग क्यों नहीं?
जांच टीम ने कोयले में मिक्सिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले तत्वों की खरीद बिक्री से संबंधित जानकारी ली है। सूत्रों का कहना है कि इन प्लांटों पर भारी मात्रा में कोयले का स्टॉक मिला है। इतने बड़े स्टॉक और मिक्सिंग के खेल की वास्तविक जांच के लिए माइनिंग विभाग को भी शामिल किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अधिकारियों ने कहा है कि जब कोयले की मात्रा का मिलान पूरा हो जाएगा, तभी टैक्स चोरी के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे।
जीएसटी टीम की जांच शनिवार (13 दिसंबर) को भी जारी रही और अधिकारी व्यापार विहार और लिंक रोड स्थित ऑफिसों, वाशरियों और प्लांटों में देर रात तक रिकॉर्ड खंगालते रहे। इस हाईप्रोफाइल छापेमारी से बिलासपुर के कारोबारी जगत में खलबली मची हुई है और और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
लेखक के विषय में
मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।
