झारखंड से छत्तीसगढ़ तक फैला अफीम तस्करी का नेटवर्क बेनकाब: दुर्ग पुलिस ने 15 लाख की अफीम के साथ 2 तस्करों को दबोचा
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए झारखंड के गुमला जिले से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपए कीमत की अफीम, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी झारखंड से अफीम लाकर दुर्ग और आसपास के इलाकों में इसकी सप्लाई कर रहे थे। मामले के सामने आने के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब Chhattisgarh के Durg जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र में अवैध अफीम खरीदी-बिक्री की सूचना पुलिस को मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्धों पर नजर रखी और पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में आरोपी राजकेश्वर साहू से कई अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए दूसरे आरोपी सुरेंद्र साहू उर्फ सुंदर साहू तक पहुंच बनाई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी लंबे समय से झारखंड से अफीम लाकर छत्तीसगढ़ में खपाने का काम कर रहे थे। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ दुर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य जिलों तक भी फैला हो सकता है। पुलिस ने 12 मई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 18(ख), 27(क) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Satyaprakash Tiwari ने बताया कि आरोपियों की पहचान सुरेंद्र साहू उर्फ सुंदर साहू और राजकेश्वर साहू के रूप में हुई है, जो Jharkhand के गुमला जिले के रहने वाले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अफीम की सप्लाई किन इलाकों तक की जा रही थी। कुम्हारी और बीएसपी कॉलोनी क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
