सावधान! गूगल से मिला कस्टमर केयर नंबर पड़ा भारी, मां-बेटे के खाते से उड़ाए 1.95 लाख रुपये
ऑनलाइन फ्रॉड का नया तरीका, ओटीपी पूछते ही खाली हुआ खाता; ऐसे बचें साइबर ठगी से
बिलासपुर। डिजिटल युग में जहां ऑनलाइन लेनदेन ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगों ने भी धोखाधड़ी के नए तरीके खोज लिए हैं। बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसने लोगों को अलर्ट रहने की सख्त चेतावनी दी है। यहां एक मां और बेटे को गूगल सर्च से मिले 'कस्टमर केयर नंबर' पर भरोसा करना भारी पड़ गया। अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी हासिल कर दोनों के खातों से कुल 1 लाख 95 हजार रुपये ऑनलाइन पार कर दिए।
मस्तूरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बेलटूकरी निवासी विनोद विश्वकर्मा (34 वर्ष) ने बीते साल 29 नवंबर को अपने एक दोस्त को 1200 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की कोशिश की थी। यह ट्रांजेक्शन असफल हो गया, लेकिन उनके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन सफल होने का मैसेज आ गया। इससे परेशान होकर विनोद ने मदद के लिए गूगल पर 'फोन पे कस्टमर केयर नंबर' सर्च किया।
गूगल सर्च से मिले एक अनजान नंबर पर कॉल करने पर एक व्यक्ति ने खुद को PhonePe का कस्टमर केयर अधिकारी बताया। उसने विनोद से ट्रांजेक्शन संबंधी समस्या सुलझाने के नाम पर उनके बैंक खाते से संबंधित संवेदनशील जानकारियां और वन टाइम पासवर्ड (OTP) हासिल कर लिया।
ओटीपी मिलते ही साइबर ठग सक्रिय हो गए। दो दिन बाद, विनोद के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते से 99,999 रुपये और उनकी माता गायत्री विश्वकर्मा के खाते से 95,000 रुपये ऑनलाइन ठगों द्वारा HDFC और Axis बैंक के खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। इस प्रकार मां-बेटे के खातों से कुल 1 लाख 95 हजार रुपये निकाल लिए गए।
इस घटना की जानकारी मिलते ही विनोद ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मस्तूरी थाने में भी लिखित शिकायत दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और मोबाइल नंबर व खाता नंबर धारकों के विरुद्ध मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
