महादेव सट्टा मामले में सीबीआई की जांच पूरी, कुछ पुलिस अफसरों पर गिरेगी गाज तो कुछ को मिलेगी राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा ऐप मामले में सीबीआई ने अपनी साल भर की जांच पूरी कर ली है और इसी हफ्ते रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट पेश होने वाली है। दिल्ली से आई सीबीआई की टीम सोमवार को ही कोर्ट पहुंची थी लेकिन जज के छुट्टी पर होने की वजह से फाइल पेश नहीं हो सकी। अब बुधवार को चार्जशीट दाखिल होने की उम्मीद है जिसमें करीब 120 गवाहों के बयान और कई अहम दस्तावेज शामिल किए गए हैं। इस केस में 6000 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले और नेताओं व अफसरों को प्रोटेक्शन मनी देने का गंभीर आरोप है।

एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर समेत 21 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चार्जशीट में किन बड़े नामों पर शिकंजा कसता है और किसे क्लीन चिट मिलती है।

 

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साक्ष्य की कमी बनी कुछ अफसरों का कवच

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जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने आईजी और एसपी रैंक के कई बड़े अफसरों के यहां छापे मारे थे और उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली भी बुलाया था। चर्चा है कि एक आईपीएस और कुछ छोटे कर्मचारियों के खिलाफ तो पुख्ता सबूत मिल गए हैं लेकिन कई बड़े पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पैसों के लेन-देन का ठोस लिंक नहीं मिल पाया है। ऐसे में सबूतों की कमी के कारण इन रसूखदार अफसरों को चार्जशीट में बड़ी राहत मिल सकती है।

 

जेल से बाहर आ चुके हैं पुराने खिलाड़ी

 

महादेव सट्टा मामले में ईडी और ईओडब्ल्यू ने पहले जिन लोगों को गिरफ्तार किया था उन्हीं को सीबीआई ने भी मुख्य आरोपी बनाया है। हालांकि हैरानी की बात यह है कि इस हाईप्रोफाइल मामले में जेल में बंद लगभग सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। सीबीआई अब राजनेताओं और पर्दे के पीछे खेल रहे सफेदपोशों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

कार्रवाई के बीच भी धड़ल्ले से चल रहा सट्टा

सरकारी अमले और जांच एजेंसियों की इतनी छापेमारी के बावजूद महादेव सट्टा का काला कारोबार थमा नहीं है। आज भी यह ऐप नए नामों और नई बुक के जरिए धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। सट्टेबाजी का यह नेटवर्क इतना मजबूत है कि अब तक की तमाम बड़ी कार्रवाई भी इसे पूरी तरह बंद करने में नाकाम रही है।

 

जांच के अहम आंकड़े

  •  120 से ज्यादा: लोगों के बयान सीबीआई ने अब तक दर्ज किए हैं।
  •  13 धाराएं: आरोपियों के खिलाफ एफआईआर में लगाई गई हैं।
  •   6000 करोड़: से ज्यादा के घोटाले का अनुमान लगाया गया है।

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मनीशंकर पांडेय Picture

मणिशंकर पांडेय National Jagat Vision के संस्थापक, मालिक एवं मुख्य संपादक हैं। वे निष्पक्ष, सटीक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य देश-दुनिया की सच्ची और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुँचाना है।

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