बिल्डर पवन अग्रवाल पर गिरी गाज: पंजीयन प्लॉट का और बेच रहे थे मकान; भ्रामक प्रचार के लिए रेरा ने ठोका 10 लाख का दंड

बिल्डर पवन अग्रवाल पर गिरी गाज: पंजीयन प्लॉट का और बेच रहे थे मकान; भ्रामक प्रचार के लिए रेरा ने ठोका 10 लाख का दंड

बिलासपुर/रायपुर | छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र की विनियामक संस्था 'रेरा' (RERA) ने भ्रामक विज्ञापनों और नियमों की अनदेखी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ताज़ा मामले में, बिलासपुर के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रवर्तक पवन अग्रवाल पर नियमों के उल्लंघन के लिए 10 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) द्वारा विज्ञापनों की निरंतर निगरानी के दौरान पाई गई अनियमितताओं के बाद की गई है।

पंजीयन प्लॉट का और प्रचार मकानों का: खुला बड़ा खेल

प्राधिकरण की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना का आधिकारिक पंजीयन केवल ‘प्लॉटेड प्रोजेक्ट’ (भूखंड योजना) के रूप में कराया गया था। नियमानुसार, प्रवर्तक को केवल विकसित जमीन बेचने की अनुमति थी। इसके विपरीत, विभिन्न प्रचार माध्यमों और विज्ञापनों में इसे एक 'हाउसिंग प्रोजेक्ट' (आवासीय मकान योजना) के रूप में पेश किया गया।रेरा के अनुसार, पंजीकृत विवरण और सार्वजनिक रूप से किए गए दावों के बीच यह बड़ा अंतर ग्राहकों को गुमराह करने की श्रेणी में आता है, जो रेरा अधिनियम की मूल भावना के विरुद्ध है।

Read More दुर्ग जमीन घोटाला: सिम्पलेक्स एमडी संगीता शाह की अग्रिम जमानत खारिज, 4.50 करोड़ के फर्जीवाड़े में गिरफ्तारी तय; लेकिन बड़े 'साहब' की चाय बचा रही जान!

कानूनी धाराओं के तहत नपा प्रवर्तक

Read More भारतमाला प्रोजेक्ट: अफसर-माफिया गठजोड़ का 'महाखेल', कागजों पर जमीन के टुकड़े कर डकारे करोड़ों, ठगे गए किसान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

रेरा प्राधिकरण ने इस मामले में अधिनियम की धारा 7 और धारा 14 के प्रावधानों का हवाला दिया है:

  •  धारा 7: यह स्पष्ट करती है कि यदि कोई प्रवर्तक गलत या भ्रामक जानकारी देता है, तो परियोजना का पंजीयन निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
  •  धारा 14: यह अनिवार्य करती है कि विकास कार्य और प्रचार केवल उसी ले-आउट और विनिर्देशों के अनुसार होना चाहिए जिन्हें प्राधिकरण ने स्वीकृति दी है।

सीजीरेरा ने इस उल्लंघन को गंभीर माना और न केवल 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया, बल्कि प्रवर्तक को निर्देश दिया कि वे परियोजना के उस हिस्से का, जहां मकान बनाए जा रहे हैं, विधिवत हाउसिंग प्रोजेक्ट के तौर पर पंजीयन कराएं।

राजधानी रायपुर में भी कसी जा रही नकेल

बिलासपुर की इस कार्रवाई का असर राजधानी रायपुर में भी देखने को मिल रहा है। रायपुर के आसपास के क्षेत्रों में संचालित कई कॉलोनियों और टाउनशिप परियोजनाओं की भी रेरा द्वारा सूक्ष्म जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रायपुर के आधा दर्जन से अधिक बिल्डरों को नोटिस जारी किए गए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिना पंजीयन नंबर या भ्रामक नक्शों के साथ विज्ञापन प्रसारित किए थे। रेरा की इस सक्रियता से उन बिल्डरों में हड़कंप मच गया है जो अनुमति से अधिक निर्माण या बिना स्वीकृति के प्री-लॉन्चिंग ऑफर के जरिए ग्राहकों को लुभाते हैं।

विज्ञापनों पर 24 घंटे पैनी नजर

प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रिंट मीडिया के साथ-साथ डिजिटल और सोशल मीडिया विज्ञापनों की सतत मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष टीम काम कर रही है। प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह पहली बार है जब इतनी बड़ी राशि का जुर्माना लगाया गया है। आने वाले दिनों में कई अन्य कॉलोनाइजरों पर भी गाज गिर सकती है जो नियमों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।'

 

Tags:

Latest News

‘मंदिर या मकबरा?’ मलिहाबाद में बढ़ा विवाद, जुमे की नमाज के बीच पुलिस छावनी में बदला इलाका ‘मंदिर या मकबरा?’ मलिहाबाद में बढ़ा विवाद, जुमे की नमाज के बीच पुलिस छावनी में बदला इलाका
NEET 2026 पेपर लीक में गहराया महाराष्ट्र कनेक्शन, CBI के रडार पर हाईप्रोफाइल पैरेंट्स और करोड़ों का नेटवर्क
खन्ना ढाबा फायरिंग केस में बड़ा खुलासा: सिद्धू मूसेवाला के पूर्व मैनेजर शगनप्रीत का नाम सामने, माता-पिता गिरफ्तार
8 साल का इंतजार खत्म: आज जनता के लिए खुलेगा कचना रेलवे ओवरब्रिज, रायपुर को मिलेगी जाम से बड़ी राहत
CM के सामने विधायक पर टिप्पणी करना पड़ा महंगा: भाजपा नेता को पार्टी ने थमाया नोटिस
शादी का झांसा, चिकन में नशा और फिर लाखों की चोरी… रायपुर में मैट्रिमोनियल फ्रॉड का सनसनीखेज मामला
रायपुर में सड़क किनारे कारोबार पर सख्ती: मेटाडोर दुकानदारों का होगा सत्यापन, बिना पहचान वालों पर कार्रवाई तय
चंद्रपुर में ‘आदमखोर’ का खौफ: तेंदू पत्ता तोड़ने गई 4 महिलाओं को बाघ ने बनाया शिकार, मौत
दिल्ली दंगा केस में उमर खालिद को राहत: हाई कोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, तिहाड़ से आएंगे बाहर ?
‘बेटी चली गई, लेकिन सच अब भी गायब’… त्विषा शर्मा केस में कॉल रिकॉर्ड्स से मचा बवाल
बंगाल में ED का शिकंजा: पूर्व DCP शांतनु सिन्हा और ‘सोना पप्पू’ गैंग से जुड़े 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे
राज्यसभा चुनाव 2026 का बिगुल बजा: 26 सीटों पर 18 जून को वोटिंग, कई दिग्गज नेताओं की किस्मत दांव पर