बिलासपुर में कोयले का काला खेल: अफसरों की चुप्पी और मिलावट की आंधी में उड़ रहे नियम और कायदे 

बिलासपुर में कोयले का काला खेल: अफसरों की चुप्पी और मिलावट की आंधी में उड़ रहे नियम और कायदे 

बिलासपुर जिले में इन दिनों कोयले का अवैध कारोबार प्रशासन की नाक के नीचे धूम मचा रहा है या यू कहें धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। नियम सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गए हैं और कोल वाशरियां काला बाजारी का अड्डा बन चुकी हैं। आलम यह है कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन के अफसर गहरी नींद में सोए हैं, जिसका फायदा उठाकर ट्रांसपोर्टर और उद्योग प्रबंधन करोड़ों के राजस्व को चूना लगा रहे हैं। जिले के हिंडाडीह, गतौरा और घुटकू जैसे गांवों में कोयले की धूल ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं है।

 

Read More NJV EXCLUSIVE: बस्तर में बड़ी लापरवाही उजागर, पोलियो वैक्सीन की 8500 शीशियां टूटी मिलीं , टला बड़ा हादसा

 मामले में खनिज विभाग के उप संचालक किशोर गोलघाटे मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं

Read More CG आबकारी घोटाला: 3000 कर्मचारियों के पसीने की कमाई डकार गया सिंडिकेट, ओवरटाइम और बोनस के नाम पर 183 करोड़ की लूट 

 

 

विजिलेंस टीम की पुरानी जांच में बड़ी गड़बड़ियां मिली थीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हुई। नियमानुसार हर तीन महीने में कोल वाशरी और उद्योगों के स्टॉक की जांच होनी चाहिए, लेकिन जिले में यह प्रक्रिया महीनों से ठप पड़ी है। सूत्रों का कहना है कि ऊंचे दामों वाले अच्छे ग्रेड के कोयले में घटिया किस्म का अवैध कोयला मिलाया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि सरकार को मिलने वाले टैक्स की भी चोरी हो रही है।

 

हवा में उड़ रहे नियम: एयर डिस्टेंस का नहीं हो रहा पालन

 

नियमों के मुताबिक कोल वाशरी और खनन क्षेत्र कोयला खदान इलाकों के बीच एक निश्चित दूरी (25 किमी होनी चाहिए लेकिन बिलासपुर में इस नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। 

 

खेतों में बिछ रही कोयले की काली परत

 

हिंडाडीह, गतौरा, घुटकू, अमसेना, बेलमुंडी और जयरामनगर के ग्रामीण सबसे ज्यादा परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि घरों के आंगन से लेकर खेतों की फसलों तक पर कोयले की काली डस्ट जम गई है। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और लोग सांस की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जब भी ग्रामीण शिकायत करते हैं, तो उद्योग प्रबंधन रसूख के दम पर मामले को दबा देता है।

 

जीएसटी टीम का छापा: हिंद कोल ग्रुप के ठिकानों पर दबिश

 

खनिज विभाग भले ही सुस्त हो, लेकिन स्टेट जीएसटी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीमों ने सीपत क्षेत्र के गतौरा, बलौदा और हिंडाडीह में संचालित हिंद कोल ग्रुप की तीन यूनिटों (क्लीन कोल, रेडिएंट कोल और हिंद कोल बेनिफिकेशन) पर एक साथ छापा मारा। जांच में स्टॉक रजिस्टर और मौके पर मौजूद कोयले की मात्रा में भारी अंतर मिला है। जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों की जांच की जा रही है और बड़ी कर चोरी का खुलासा हो सकता है।

 

ग्राफिक विवरण: कोयले के खेल का गणित

20251217_104159 

Tags:

Related Posts

Latest News

छत्तीसगढ़ की सियासत में ऑडियो बम: साय कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच रेणुका सिंह के कथित ऑडियो से भूचाल, क्या वाकई भूपेश की होगी वापसी? छत्तीसगढ़ की सियासत में ऑडियो बम: साय कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट के बीच रेणुका सिंह के कथित ऑडियो से भूचाल, क्या वाकई भूपेश की होगी वापसी?
हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अनवर ढेबर 3 जून तक राज्य सरकार को देना होगा जवाब
सुशासन तिहार के दावों की हकीकत एक साल बाद भी 5548 शिकायतें लंबित
Covid के बाद युवाओं में बढ़ी Hip Replacement Surgery, 30-40 की उम्र में तेजी से बढ़ रहे AVN के मामले
Doctor Hanuman Temple: जहां ‘डॉक्टर’ बनकर भक्तों का इलाज करते हैं बजरंगबली, जानें दंदरौआ धाम की अद्भुत मान्यता
महाजेनको का ₹110 करोड़ का जमीन घोटाला : छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट ने कैसे लगाई महाराष्ट्र सरकार को चपत, पीएमओ के दखल से मची खलबली
तेलंगाना में इंसानियत शर्मसार: एम्बुलेंस नहीं मिली, कंधों पर शव उठाकर 4 किमी पैदल चला परिवार
मासूम के साथ दरिंदगी पर तमिलनाडु में उबाल, अब पुलिस अधिकारियों की ‘मुस्कान’ बनी विवाद की वजह
शराब नीति घोटाले में IAS निरंजन दास को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, सख्त शर्तों के साथ मिली जमानत
अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग से सनसनी, परिवार अंदर मौजूद, कनाडा कनेक्शन की भी जांच जारी
300 करोड़ के एक्सप्रेस-वे का चीरहरण एक मॉल को फायदा पहुंचाने अफसरों ने कर दिया बड़ा खेल, नियम ताक पर रखकर बना दिया VIP रास्ता...
त्विषा शर्मा केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: 'बेटी की मौत से बेहतर तलाक', निष्पक्ष जांच पर जोर, CBI जांच के संकेत